कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े कथित धन शोधन मामले को एक 'राजनीतिक साजिश' करार देते हुए सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विपक्ष की आवाज दबाने और बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। कन्हैया ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में पहले दिन से ही झूठ बोल रही है। उन्होंने दावा किया, 'नेशनल हेराल्ड से जुड़े धन शोधन मामले का कोई कानूनी आधार नहीं है... यह सीधे तौर पर एक राजनीतिक साजिश है।'
बुनियादी मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने का आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा, 'ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करके विपक्ष की आवाज दबाना और बुनियादी मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना भाजपा का मुख्य एजेंडा है।' उन्होंने कहा कि भाजपा समझ गई है कि जब तक यह (गांधी) परिवार है, कांग्रेस पार्टी है, तब तक संविधान को चकनाचूर करने का उसका मंसूबा पूरा नहीं हो सकता। ईडी ने हाल ही में ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ नयी दिल्ली की एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया है, जिसमें उन पर 988 करोड़ रुपये के धन शोधन का आरोप लगाया गया है।
कन्हैया ने कहा, 'भाजपा ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में पहले दिन से ही झूठ बोल रही है। यह नया झूठ इसलिए फैलाया गया है, क्योंकि उसे (भाजपा को) समझ में आ गया है कि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का उसका सपना साकार नहीं हो सकता, खासकर उस परिवार के रहते जिसने देश के लिए बलिदान दिया हो।' उन्होंने भाजपा पर अंग्रेजों की तरह अखबारों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, '1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान अंग्रेजों ने इस अखबार (नेशनल हेराल्ड) को प्रतिबंधित कर दिया था। जब वे अंग्रेजों से नहीं डरे... तो आज क्या वे अंग्रेजों के जासूसों से डरेंगे?'
'एजेंसियों का हथियार के रूप में हो रहा इस्तेमाल'
कन्हैया ने भाजपा पर जांच एजेंसियों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'ईडी अब ‘एंफोर्समेंट डायरेक्टरेट’ नहीं रहा, यह भाजपा का ‘एक्सटॉर्शन डिपार्टमेंट’ बन गया है। इसकी सजा दिलवाने की दर एक फीसदी भी नहीं है। यानी वह 100 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती है, लेकिन इनमें से एक को भी दोषी साबित कर सजा नहीं दिलवा पाती।'
कन्हैया ने दावा किया कि ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामला बेबुनियाद है, क्योंकि संबंधित कंपनियों के बीच पैसों का कोई लेनदेन नहीं हुआ। उन्होंने तर्क दिया, 'जिस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है, वह वहां लागू होता है, जहां पैसों का लेनदेन हो। लेकिन इस मामले में पैसों का कोई लेनदेन नहीं हुआ।' कांग्रेस नेता ने कहा कि मामले में शामिल दोनों कंपनियां गैर-लाभकारी संगठन हैं। उन्होंने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में संपत्ति के कथित दुरुपयोग के भाजपा के दावों पर भी सवाल उठाया।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने किया ये सवाल
कन्हैया ने सवाल किया, 'वे कहते हैं कि यह हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति है, लेकिन लखनऊ के कार्यालय को छोड़कर ‘नेशनल हेराल्ड’ की सारी संपत्तियां पट्टे पर हैं। ये ‘नेशनल हेराल्ड’ की निजी संपत्ति नहीं हैं। फिर राहुल गांधी या सोनिया गांधी को कैसे फायदा हुआ?' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा (गांधी) परिवार को बदनाम करने के लिए 'झूठ फैला रही है।'
कन्हैया ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वित्त पोषण के बारे में चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, 'भाजपा-आरएसएस को हर शहर में कार्यालय बनाने के लिए पैसा कहां से मिला, इस बारे में सवाल क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?'
