बिहार के पीरपैंती से विधायक लल्लन पासवान अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। दिवाली के मौके पर उनसे मां लक्ष्मी की पूजा के बारे में पूछा गया तो जवाब कुछ यूं था। उन्होंने कहा कि क्या जो लोग लक्ष्मी की पूजा नहीं करते वो धनवान नहीं हैं। अपने जवाब को और विस्तार देते हुए कहा कि अब देखिए दिवाली आने वाली है। सवाल यह है कि मुस्लिम समाज के जो लोग लक्ष्मी की पूजा नहीं करते हैं क्या वे धनवान नहीं है, सरस्वती को ज्ञान की देवी माना जाता है। लेकिन क्या वे लोग आईएएस,आईएफएस नहीं। वे लोग जो हनुमान की पुजा नहीं करते क्या वे लोग शक्तिशाली नहीं हैं। अब उनके इस बयान पर लोगों ने विरोध जताते हुए भागलपुर के शेरमारी बाजार में पुतला फूंका।
(वीडियो की पुष्टि नहीं)
क्या मुसलमान धनवान नहीं
अगर हमें केवल देवी लक्ष्मी की पूजा करने से धन मिलता है, तो मुसलमानों में अरबपति और खरबपति नहीं होते। मुसलमान देवी लक्ष्मी की पूजा नहीं करते, क्या वे अमीर नहीं हैं? मुसलमान सरस्वती की पूजा नहीं करते। क्या मुसलमानों में कोई विद्वान नहीं है? क्या वे आईएएस या आईपीएस नहीं बनते? उन्होंने कहा कि आत्मा और परमात्मा की अवधारणा सिर्फ लोगों की मान्यता है।
क्या मुसलमान-ईसाई शक्तिशाली नहीं
उन्होंने कहा कि यदि आप मानते हैं तो यह एक देवी है, और यदि नहीं तो यह सिर्फ एक पत्थर की मूर्ति है। यह हम पर निर्भर है कि हम देवी-देवताओं को मानते हैं या नहीं। हमें वैज्ञानिक आधार पर सोचना होगा। तार्किक निष्कर्ष। यदि आप विश्वास करना बंद कर देते हैं, तो आपकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी।ऐसा माना जाता है कि बजरंगबली शक्ति वाले देवता हैं और शक्ति प्रदान करते हैं। मुसलमान या ईसाई बजरंगबली की पूजा नहीं करते हैं। क्या वे शक्तिशाली नहीं हैं? जिस दिन आप विश्वास करना बंद कर देंगे, ये सब चीजें खत्म हो जाएंगी।
