Muslim Reservation: देश में मुस्लिम रिजर्वेशन को लेकर बहस जारी है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी मुस्लिम आरक्षण को खत्म कर चुकी है, जो राज्य में बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के उस फैसले के साथ जाते हुए कहा है कि देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं हो सकती है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
क्या कहा अमित शाह ने
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में मुसलमानों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण असंवैधानिक था और इसलिए, कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इसे हटा दिया। उन्होंने कहा कि फैसला देर से आया लेकिन यह संविधान के अनुरूप था।
कांग्रेस से पूछे तीखे सवाल
इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस से भी तीखे सवाल पूछे। इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण और वोट बैंक को मजबूत करने के लिए यह आरक्षण लाया था। शाह ने कहा कि कांग्रेस बताए वो कर्नाटक में 6 प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण कहां से देगी? शाह ने कहा- "हमारे संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। आरक्षण के भीतर आरक्षण बहुत सोच-समझकर किया गया है ... कर्नाटक चुनाव के लिए प्रचार समाप्त होने से पहले, सिद्धारमैया को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि कांग्रेस मुसलमानों के लिए आरक्षण बढ़ाती है 4 प्रतिशत से 6 प्रतिशत, फिर वे किसका आरक्षण काटेंगे।"
जीत का भरोसा
अमित शाह ने कहा कि वह कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। बीजेपी राज्य में सरकार बनाने वाली है। लोग बीजेपी के पक्ष में मतदान करने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
10 मई को चुनाव
224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में 10 मई को मतदान होना है। वोटों की गिनती 13 मई को होगी। सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 113 सीटों का है। सोमवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था।
