भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। सहायक आयुक्त ने टीचर राजेश कनोजे को निलंबित कर दिया। निलंबित शिक्षक ने इस बाबत कहा कि यात्रा में शामिल होने की वजह से मुझे निलंबित किया गया। मुझे संविधान के तहत अपनी बात रखने का अधिकार है और उसी के तहत मैंने राहुल गांधी के समक्ष अपनी बातों को रखा।
खुद को सामाजिक कार्यकर्ता भी मानने वाले कनोजे ने शनिवार (तीन दिसंबर, 2022) रात एक हिंदी चैनल को बताया- यात्रा में मैंने राहुल गांधी से मुलाकात की थी तो मुझे सस्पेंड कर दिया गया। मैं 24 तारीख (नवंबर) को गया था। मैंने छुट्टी का आवेदन भी दिया था, पर मुझे निलंबित कर दिया गया।

teacher suspension for rahul gandhi meet
निलंबन के पीछे मुख्य कारण पूछे जाने पर उन्होंने आगे बताया कि मुझसे कहा गया कि यात्रा में क्यों गए? यह तो राजनीतिक रैली थी, जिसमें नहीं जाना था। सेवा सिविलियन नियम का आपने उल्लंघन किया है। ऐसे में आपको सस्पेंड करते हैं। उन्होंने आगे कहा, "हम किसी पार्टी से नहीं जुड़े हैं। पर समाज में जो आदिवासियों के अहम मुद्दे हैं, उन्हें हम सत्ताधारी और विपक्ष के लोगों के सामने रखते हैं।"
बकौल राजेश, "मेरी भेंट बोरगांव-रुस्तमपुर के बीच में गांधी से हुई थी। अगले ही दिन 25 तारीख को मेरा निलंबन कर दिया गया था। यह एक राजनीतिक षडयंत्र है, जिसके चलते मुझे हटाया गया है। मुझे संविधान के तहत अपनी बात रखने का अधिकार है और उसी के तहत मैंने राहुल गांधी के समक्ष अपनी बातों को रखा। उन्होंने गर्मजोशी से मुझसे भेंट की। मेरा नाम पूछा। परिचय लिया...गजानंद भाई भी साथ थे।"
