उज्जैन (Ujjain) में हो रही मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एक बहुत ही अलग ही नजारा देखने को मिला, कैबिनेट बैठक में मुख्य कुर्सी पर मुख्यमंत्री नहीं भगवान महाकाल (Mahakal) विराजमान थे, बैठक से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि 'महाकाल कॉरिडोर' अब 'श्री महाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा।
मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान की पूरी कैबिनेट उज्जैन पहुंची और वहां के नए प्रशासनिक भवन में कैबिनेट की बैठक हुई, बैठक में मुख्य रूप से महाकाल मंदिर को लेकर ही हुई बैठक में महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
सीएम शिवराज ने कहा कि 'महाकाल महाराज ही सरकार हैं'
सीएम शिवराज ने कहा कि महाकाल महाराज ही सरकार हैं, यहां के राजा हैं, इसलिए आज महाकाल महाराज की धरती पर हम सभी सेवक बैठक कर रहे हैं। यह ऐतिहासिक पल है हम सभी के लिए। हमने कल्पना की थी कि महाकाल महाराज के परिसर का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल महाराज से प्रार्थना है कि वो सभी प्रदेशवासियों पर कृपा बरसाएं, आशीर्वाद दें , यही मंगल कामना है, सीएम ने कहा कि नर्मदा को स्वच्छ बनाने के लिए फैक्ट्रियों के प्रदूषित जल को डायवर्ट किया जा रहा है।गौर हो कि पीएम मोदी 11 अक्टूबर को महाकाल की नगरी उज्जैन आएंगे और भव्य नवनिर्मित कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे, इसके बाद इस कॉरिडोर को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
