बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा (Chhath Puja) सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। इस मौके पर अपने प्रदेश से दूर रहने वाले घर लौटना चाहते हैं। जिसकी वजह से ट्रेन में काफी भीड़ देखने को मिलती है। यात्रियों के हिसाब से ट्रेनों की कमी हो जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे हर साल स्पेशन ट्रेनें (Special train) चलती है। इस बार भी अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि छठ पूजा के लिए, हमने 250 से अधिक ट्रेनें शुरू की हैं। करीब 1.4 लाख बर्थ उपलब्ध कराए गए हैं और लोगों के लिए जो भी जरूरी होगा हम करेंगे। मैं सभी को छठ पूजा की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। छठ पूजा और दिवाली के दौरान अतिरिक्त 2,614 फेरे चलाकर त्योहार की मांग के लिए कुल 36,59,000 अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध कराई गईं।
उधर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने छठ पूजा के लिए यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए डिब्रूगढ़-गोरखपुर और न्यू जलपाईगुड़ी-गोरखपुर रूट पर दो जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। एनएफआर के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों ट्रेनों में 20 कोच होंगे। इनमें से एक विशेष ट्रेन 27 अक्टूबर को शाम 7.25 बजे डिब्रूगढ़ से रवाना होगी और 29 अक्टूबर की सुबह गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन 1 नवंबर को गोरखपुर से सुबह 7.50 बजे अपनी यात्रा शुरू करेगी और अगले दिन 20:50 बजे असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेगी। दूसरी विशेष ट्रेन 29 अक्टूबर को शाम 5 बजे गोरखपुर से रवाना होकर अगली सुबह पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। वापसी दिशा में ट्रेन 31 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे न्यू जलपाईगुड़ी से रवाना होगी और अगले दिन सुबह गोरखपुर पहुंचेगी।
बिहार सरकार ने मंगलवार को रेल मंत्रालय से छठ पूजा समारोह के लिए राज्य में आने वाले लोगों के लिए परेशानी मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए और विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया था। भारतीय रेलवे ने हाल ही में यात्रियों की सुविधा के लिए इस साल छठ पूजा तक 211 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्य के मुख्य सचिव आमिर सुभानी ने मंगलवार को रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और उनसे देश के विभिन्न शहरों से बिहार के लिए और विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया। छठ पूजा का बिहार में विशेष महत्व है क्योंकि यहां के लोग इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं। सीएमओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्र से अनुरोध किया गया था क्योंकि पूरे देश में फैले लोग इस समय बिहार में अपने घरों को लौट रहे हैं।
