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विधायकी हार कर भी कैसे तेलंगाना सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए अजहरुद्दीन, उपचुनाव से ठीक पहले रेवंत रेड्डी का मास्टर स्ट्रोक?

पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शुक्रवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेकर राजनीतिक जीवन में एक नया अध्याय शुरू किया। उनके शामिल होने से न केवल राज्य मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ है, बल्कि आगामी जुबली हिल्स उपचुनाव के संदर्भ में यह कदम राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर और अब मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन (फोटो: PTI)

Photo : PTI

Mohammad Azharuddin News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शुक्रवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में आयोजित सादे समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद अजहरुद्दीन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और के. सी. वेणुगोपाल का विश्वास जताने और उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आभार व्यक्त किया।

मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शपथ ग्रहण के बाद कहा, “मैं बेहद खुश हूं और पार्टी नेतृत्व तथा अपने समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं।” उनके मंत्री बनने के साथ ही तेलंगाना मंत्रिमंडल में अब कुल 16 सदस्य हो गए हैं, जबकि दो पद अभी भी खाली हैं। राज्य के नियमों के अनुसार, विधानसभा की संख्या को देखते हुए अधिकतम 18 मंत्री बनाए जा सकते हैं। पूर्व क्रिकेटर का कैबिनेट में शामिल होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस जुबली हिल्स उपचुनाव में पूरी ताकत झोंक रही है। इस सीट पर एक लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। गौरतलब है कि इस साल जून में बीआरएस विधायक मगंती गोपीनाथ के निधन के बाद यह उपचुनाव आवश्यक हो गया है।

2023 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना

तेलंगाना सरकार ने अगस्त में पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को राज्यपाल कोटे से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के रूप में नामित किया था, हालांकि राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी है। अजहरुद्दीन ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जुबली हिल्स सीट से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राज्य इकाई ने पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया था कि अजहरुद्दीन को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए, क्योंकि वर्तमान में राज्य सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय का कोई प्रतिनिधि नहीं है। इसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने उनके नाम को मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ ही, अजहरुद्दीन तेलंगाना सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले पहले मंत्री बन गए हैं।

जुबली हिल्स उपचुनाव से ठीक पहले बने मंत्री

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए एआईसीसी ने संभवतः मोहम्मद अजहरुद्दीन को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया है, क्योंकि उस राज्य में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या उल्लेखनीय है। भाजपा की इस आलोचना पर कि अजहरुद्दीन को जुबली हिल्स उपचुनाव से ठीक पहले मंत्री बनाया गया है, उन्होंने जवाब दिया कि चुनाव और मंत्री पद दो अलग-अलग विषय हैं। उनके अनुसार, किसी को मंत्री बनाना सरकार का विशेषाधिकार होता है। जब उनसे उनके संभावित विभाग के बारे में पूछा गया, तो अजहरुद्दीन ने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वह पूरी ईमानदारी से उसे निभाएंगे और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कार्य करेंगे।

जी. किशन रेड्डी साधा अजहरुद्दीन पर निशाना

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी की इस टिप्पणी पर कि मोहम्मद अजहरुद्दीन से जुड़े मामलों ने देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है, पूर्व क्रिकेटर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। अजहरुद्दीन ने कहा, “किशन रेड्डी को इस विषय की जानकारी नहीं है, इसलिए वे कुछ भी बोल देते हैं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं भली-भांति जानता हूं कि मैं कौन हूं, मैंने देश के लिए क्या योगदान दिया है, और मेरी देशभक्ति पर किसी को सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।”

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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