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'साल भर से ज्यादा नहीं चलेगी मोदी सरकार 3.0', पप्पू यादव ने कर दी ये भविष्यवाणी

Political News: देश के सियासी इतिहास में नरेंद्र मोदी एक नया अध्याय लिखने वाले हैं। वो ऐसे दूसरे व्यक्ति होंगे, जो लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। मोदी रविवार को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि उनकी सरकार कितने दिन चलेगी, इसकी भविष्यवाणी भी हो रही है।

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कितने दिन चलेगी मोदी सरकार 3.0? पप्पू यादव का बड़ा दावा।

Photo : Times Now Digital

Big Claim of Pappu Yadav: मोदी सरकार 3.0 कितने दिन चलेगी? इसकी भविष्यवाणी बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कर दी है। उन्होंने ये इशारा किया कि नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू कभी भी पलट सकते हैं और केंद्र में बनने वाली मोदी सरकार तीसरे टर्म में एक साल से अधिक का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी।

पप्पू यादव ने कर दिया ये बड़ा दावा

बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शुक्रवार को दरभंगा पहुंचे। यहां उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि नई सरकार एक साल से ज्यादा नहीं चलने वाली।

साल भर से ज्यादा नहीं चल पाएगी सरकार

सांसद पप्पू यादव ने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की बधाई देते हुए कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को बहुमत नहीं दिया है। यह इसलिए क्योंकि उनके नाम पर चुनाव लड़ा गया। चार सौ पार की बात तो छोड़िए, उन्हें बहुमत भी नहीं मिला। वह अपनी सरकार भी नहीं बना पाए। मुझे लगता है कि यह सरकार साल भर से ज्यादा नहीं चल पाएगी। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू गांधी विचारधारा के लोग हैं।

एनडीए का साथ छोड़कर भागेंगे नायडू

उन्होंने कहा कि नवंबर में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। उनको लग रहा है कि लोकसभा में जो सीटें मिली हैं, अगर विधानसभा का चुनाव 2024 में होगा तो परिणाम उनके पक्ष में आएगा। चंद्रबाबू नायडू को जब लगेगा कि साउथ में मोदी का असर गलत हो रहा है, तो नायडू एनडीए का साथ छोड़कर भागेंगे।

'हिंदू-मुस्लिम की राजनीति छोड़ दीजिए'

पप्पू यादव ने आगे कहा कि हम नरेंद्र मोदी से आग्रह करेंगे कि आप देश के प्रधानमंत्री हैं। आप नीतिगत बात करें, रोजगार पर बात करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। आप गरीबों की बात करें, गरीबी खत्म करने की बात किजिए। हाथ जोड़कर कहता हूं, हिंदू-मुस्लिम की राजनीति छोड़ दीजिए।

उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से मैं उम्मीद और अपेक्षा रखता हूं कि एनडीए की सरकार में हिंदू मुसलमान की राजनीति नहीं होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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