M K Stalin News: तमिलनाडु में डीएमके मंत्री वी सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी के बाद राजनीति तेज हो गई है। एम के स्टालिन की सरकार ने सीबीआई जांच के संबंध में राज्य सरकार की अनुमति को अनिवार्य कर दिया है। इस तरह से तमिलनाडु भी उन राज्यों की कैटिगरी में आ गया है जो पहले से इस तरह का आदेश पारित कर चुके हैं। ईडी ने जब बाला जी की गिरफ्तारी की तो उनकी तबीयत खराब हो गई। वो अस्पताल ले जाए गए जहां डॉक्टरों ने तुरंत बायपास सर्जरी करने की सलाह दी। लेकिन एआईडीएमके ने इसे मंत्री जी का ड्रामा बताया। वहीं बीजेपी ने कहा कि जिस विषय पर सीएम एम के स्टालिन राजनीति कर रहे हैं उन्हें खुद अपने बयानों के बारे में विचार करना चाहिए जब बालाजी का संबंध दूसरे दल से था।
इन राज्यों में पहले से अनुमति जरूरी
डीएमके का कहना है कि वी सेंथिल बालाजी के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध है। सीएम एम के स्टालिन ने इसे संघवाद पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सचिवालय में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने तलाशी ली वो सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा था। सचिवालय में महत्वपूर्ण गोपनीय फाइल रखी होती हैं। वो सिर्फ और सिर्फ यह दिखाना चाहते थे कि वो सचिवालय में भी छापेमारी कर सकते थे। बता दें कि पहले से ही 9 राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड, केरला, मेघालय, मिजोराम, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
हालांकि दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम 1946 राज्य की पूर्व अनुमति को अनिवार्य बनाता है, 1989 और 1992 में मामलों की कुछ श्रेणियों के लिए कुछ अपवाद बनाए गए थे। इसे रद्द कर दिया गया है।हालांकि, राज्य सरकार के कदम से प्रवर्तन निदेशालय या राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच प्रभावित नहीं होगी।
सीबीआई पर लगाम लगाने वाला आखिरी राज्य पंजाब था। नवंबर 2020 में अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने राज्य में जांच करने के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली।
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