Meeting At Rahul Gandhi Residence: विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के 25 घटक दलों के 50 नेताओं की बैठक गुरुवार को राहुल गांधी के आवास पर शुरू हो गई, जिसमें उप राष्ट्रपति के चुनाव के लिए साझा उम्मीदवार की संभावना, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में कथित धांधली और अमेरिका द्वारा लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ पर चर्चा की जाएगी। राहुल गांधी के आवास '5 सुनहरी बाग रोड' पर आयोजित बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और कई अन्य नेता उपस्थित हैं।
राहुल ने चुनाव आयोग पर लगाया वोट चोरी का आरोप
यह बैठक उस दिन हो रही है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक में एक विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित हेरफेर का विषय आंकड़ों के साथ मीडिया के सामने रखा और आरोप लगाया कि "वोट चोरी" का यह मॉडल देश के कई निर्वाचन क्षेत्रों में लागू हो रहा है। मुख्य विपक्षी दल बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण के विषय पर संसद में चर्चा की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला दिया
राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में पांच तरह की हेराफेरी के जरिए एक लाख से अधिक वोट चुराए गए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वोट चोरी हमारे लोकतंत्र पर एक एटम बम की तरह है। राहुल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता आंकड़ों का विश्लेषण किया है। उन्होंने कहा, हमारे आंतरिक सर्वेक्षणों के अनुसार हमें कर्नाटक में (2024 के लोकसभा चुनाव में) 16 सीट जीतने की उम्मीद थी। हालांकि, हमने नौ सीट जीतीं। फिर हमने सात सीट पर अप्रत्याशित हार पर ध्यान केंद्रित किया और महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र को चुना। हमारे पास जो भी आंकड़ा है, वह 2024 के चुनावों का है, जो निर्वाचन आयोग से प्राप्त किया गया है।
कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में राहुल ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बेंगलुरु मध्य सीट पर 6,58,915 मत हासिल किए और 32,707 मतों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने कहा, महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को 1,15,586 मत मिले थे, जबकि भाजपा को 2,29,632 मत मिले थे। कांग्रेस ने महादेवपुरा को छोड़कर सभी विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी, जहां भाजपा ने 1,14,046 मतों के अंतर से जीत हासिल की। इस सीट ने उनकी चुनावी जीत में अहम भूमिका निभाई और लोकसभा चुनाव का नतीजा भी उनके पक्ष में गया।
महादेवपुरा विधानसभा का दिया उदाहरण
उन्होंने दावा किया, यह विसंगति बहुत बड़ा असंतुलन है। इसलिए, हमने विवरणों की जांच शुरू की और पाया कि महादेवपुरा विधानसभा में लगभग 1,00,250 मत चुराए गए थे। राहुल ने आरोप लगाया कि महादेवपुरा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी हुई है, जिसमें 11,965 मतदाता डुप्लीकेट हैं, 40,009 मतदाता फर्जी और अवैध पते वाले हैं, 10,452 मतदाता एक पते वाले हैं, 4,132 मतदाता अवैध फोटो वाले हैं और 33,692 मतदाताओं ने नए मतदाताओं के फार्म 6 का दुरुपयोग किया। उन्होंने ऑनलाइन प्रस्तुति में उदाहरणों के साथ हेरफेर के प्रत्येक रूप का वर्णन किया। ‘डुप्लीकेट वोटर’ शीर्षक के तहत, राहुल ने दावा किया कि महादेवपुरा क्षेत्र में ऐसे 11,965 मतदाता पाए गए। उन्होंने बताया कि गुरकीरत सिंह डांग का नाम चार बार अलग-अलग बूथों पर मतदाता सूची में दर्ज है।
राहुल ने आदित्य श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति का भी उदाहरण दिया जो तीन राज्यों में मतदाता के रूप में पंजीकृत है। राहुल ने दावा किया कि 40,009 मतदाता फर्जी और अवैध पते वाले हैं। उन्होंने स्क्रीन पर दिखाया कि महादेवपुरा क्षेत्र में कितने लोग ‘मकान नंबर 0’ के साथ पंजीकृत हैं। राहुल ने कहा कि एकल पते वाले मतदाताओं के शीर्षक के तहत महादेवपुरा में 10,452 मतदाता थे और उन्होंने बताया कि ‘मकान संख्या 71’ में 46 पंजीकृत मतदाता थे। उन्होंने दावा किया कि 4,132 मतदाताओं की तस्वीरें अवैध थीं और 33,692 मतदाताओं ने पहली बार वोट देने वालों के लिए बने फॉर्म 6 का दुरुपयोग किया। इस शीर्षक के तहत, गांधी ने शकुन रानी नाम की 70 वर्षीय एक महिला का उदाहरण दिया, जिसने दो महीने में दो बार पंजीकरण कराया था।
राहुल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी 25 लोकसभा सीट के कारण प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा, निर्वाचन आयोग हमें आंकड़े नहीं दे रहा है क्योंकि उन्हें डर है कि जो हमने महादेवपुरा में किया, वही हम बाकी लोकसभा सीट पर भी करेंगे और तब देश के लोकतंत्र की सच्चाई सामने आ जाएगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस के पास सबूत हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग देशभर में सबूत नष्ट करने में लगा हुआ है। राहुल ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के साथ मिलीभगत कर रहा है और उनकी मदद कर रहा है। उन्होंने आंकड़ों के विश्लेषण का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग के माध्यम से भाजपा द्वारा चुनावों में भारी आपराधिक धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि यह संविधान के विरुद्ध अपराध है।
