Prajwal Pandey in Rishi Sunak Team: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋृषि सुनक की इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा है। उनके हिंदू होने और भारतीय कनेक्शन की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। ऋृषि सुनक की सफलता की कहानी में 19 साल के भारतीय मूल के युवा का नाम जुड़ गया है, जिसकी उनके चुनावी अभियान में अहम भूमिका रही है। हम बात कर रहे हैं 19 साल के प्रज्जवल पांडेय की, जो सुनक के चुनावी अभियान के हिस्सा बने। उनका झारखंड के सिदरी और बिहार के सीवान से सीधा कनेक्शन हैं।
कंजर्वेटिव पार्टी के मुख्य अभियान टीम में हुए थे शामिल
अगस्त 2022 में जब ऋृषि सुनक प्रधानमंत्री पद के चुनावों में उतरे तो पार्टी की ओर से प्रज्जवल को 30 सदस्यीय मुख्य अभियान टीम में शामिल किया गया। साल 2019 में मात्र 16 साल की उम्र में ही कंजर्वेटिव पार्टी की सदस्यता ले चुके हैं। इसके पहले वह साल 2019 में यूनाइटेड किंगडम के यूथ पार्लियामेंट के निर्वाचित सदस्य भी रिकॉर्ड मतों से चुने जा चुके हैं। यही नहीं युवा संसद सदस्य के रूप में ब्रिटिश संसद में भाषण भी दे चुके हैं। प्रज्जवल पांडेय के पिता राजेश पांडेय ब्रिटेन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वहीं उनकी मां मनीषा शिक्षिका हैं। जबकि उनकी बहन प्रांजल कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से MBBS की पढ़ाई कर रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए राजेश ने फोन पर बताया कि सुनक के चुनाव अभियान के दौरान प्रज्जवल फ्यूचर टैक्स, इनकम, शिक्षा, विदेश नीति और रक्षा नीतियों के बारे में चर्चाएं करते थे। उनके अनुसार अभियान के दौरान प्रज्जवल कम्युनिकेशन और आउटरीच डिवीजन का हिस्सा थे और वह लगातार सांसदों, मंत्रियों और सुनक के साथ चर्चा करते थे।
बिहार-झारखंड से क्या है कनेक्शन
प्रज्जवल के दादा बागीश दत्त पांडेय नौकरी के सिलसिले में झारखंड के सिंदरी में आए थे और वह यहीं रहते हैं। जबकि, वह मूल रूप से सीवान जिले के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रज्वल अपने माता-पिता के साथ करीब एक दशक से ब्रिटेन में रहते हैं। इनके परिवार के लोगों का अक्सर सीवाना आना-जाना रहता है। प्रज्जवल के पिता के अनुसार एसेक्स के चेम्सफोर्ड में स्थित किंग एडवर्ड VI ग्रामर स्कूल में पढ़ाई की है। इसके पहले 2019 में चेम्सफोर्ड यूथ स्ट्रैटेजी ग्रुप के वह वाइस चेयरमैन रह चुके हैं। और साल 2020 में एसेक्स क्लाइमेट कमीशन के को-चेयरमैन की भूमिका भी निभा चुके हैं। प्रज्जवल के दादा बागीश दत्त के अनुसार वह पढ़ने में तेज होने के साथ-साथ सामिजिक कार्यों में भी काफी तेज हैं। यह देखकर हमें काफी खुशी होती है।
