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मौसम 01-30 सितंबर 2025 : एक महीने 109% होगी झमाझम बरसात, कश्मीर टू कन्याकुमारी बादल लाएंगे सैलाब; IMD का बड़ा अलर्ट

September Ka Mausam Kaisa Rahega 01-30 2025: जून, जुलाई और अगस्त में मूसलाधार मानसूनी बारिश करने के बाद सितंबर माह में भी बादलों का कहर जारी रहने के संकेत हैं। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर की औसत मासिक बारिश सामान्य से अधिक (एलपीए) का 109 प्रतिशत से अधिक होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर सितंबर में देश में औसत बारिश लगभग 167.9 मिमी है।

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सितंबर महीने का मौसम कैसा रहेगा

September Ka Mausam Kaisa Rahega 01-30 2025: मानसून 2025 के शुरुआती दिनों से ही देशभर में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। जुलाई और अगस्त में मानसूनी बादलों ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जमकर तबाही मचाई। खासकर पहाड़ी राज्यों में बादल फटने और बाढ़ के साथ लैंडस्लाइड की घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया। विभिन्न राज्यों में झमाझम बारिश, बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को अपनी मासिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें सितंबर 2025 में सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी की गई है। आईएमडी की मासिक वर्षा और तापमान आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में पूरे देश में औसत मासिक बारिश सामान्य से अधिक (लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 109 प्रतिशत से अधिक) होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर सितंबर में देश में औसत बारिश लगभग 167.9 मिमी है।

आईएमडी की रिपोर्ट में कहा गया कि भौगोलिक रूप से देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और सबसे उत्तरी भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। सामान्य से अधिक बारिश कृषि और जल संसाधनों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इसके साथ बाढ़, भूस्खलन, सड़क परिवहन में व्यवधान, सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियां और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान जैसे जोखिम भी हैं। इन जोखिमों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, आईएमडी की पूर्व चेतावनियों का उपयोग करना, निगरानी और संरक्षण प्रयासों को बढ़ाना और संवेदनशील क्षेत्रों में मजबूत प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित करना आवश्यक है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) 2021 से देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश के लिए हर महीने और हर मौसम का पूर्वानुमान जारी कर रहा है। यह पूर्वानुमान मल्टी-मॉडल एनसेंबल (एमएमई) पद्धति पर आधारित होता है। मल्टी-मॉडल एनसेंबल पद्धति में दुनिया के अलग-अलग जलवायु पूर्वानुमान और शोध केंद्रों के कपल्ड ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल्स (सीजीसीएम) का उपयोग किया जाता है। इसमें भारत मौसम विज्ञान विभाग के मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्टिंग सिस्टम (एमएमसीएफएस) मॉडल को भी शामिल किया गया है।

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने जमकर मचाई तबाही

आईएमडी ने 15 अप्रैल को 2025 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन (जून से सितंबर) के लिए पहला चरण का पूर्वानुमान जारी किया था और 27 मई को इसके लिए अपडेट जारी किया। इसके अलावा, जून के लिए बारिश का पूर्वानुमान 27 मई को और जुलाई के लिए 30 जून को जारी किया गया था। आईएमडी ने दक्षिण-पश्चिम मानसून 2025 के लिए अगस्त-सितंबर के दौरान होने वाली मौसमी वर्षा का पूर्वानुमान और अगस्त 2025 के लिए मासिक वर्षा तथा तापमान का दृष्टिकोण 31 जुलाई को जारी किया था।

सितंबर महीने के लिए देशभर में सतही वायु तापमान के पूर्वानुमान में आईएमडी ने कहा है कि पश्चिम-मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में इस दौरान मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से कम रहने की संभावना है। वहीं, पूर्व-मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों और पश्चिमी तटीय क्षेत्र में यह सामान्य से अधिक रह सकता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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