Mathura News: मथुरा के विवादित शाही ईदगाह के समर्थन में बयान देने वाले जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) घिरते दिख रहे हैं। साधु संतों ने कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि जयंत चौधरी को दोबारा साधु संतों और कृष्ण (Lord Krishna) की पुण्य भूमि मथुरा पर दोबारा कदम नहीं रखना चाहिए। साथ ही ये भी कहा है कि जयंत चौधरी को यदि कानून का ज्यादा ज्ञान है तो ईदगाह (Idgah) के पक्षकार बनकर कोर्ट में आएं तब उन्हें जवाब दिया जाएगा। जयंत चौधरी ने ईदगाह हटाने की मांग को असंवैधानिक बताया था।
जयंत चौधरी ने क्या कहा था
जयंत चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, '....जिस तरह से सामाजिक ताना बाना बिगड़ा है, गरीब का शोषण हो रहा है और एसटी-ओबीसी के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं... ईदगाह को हटाने की मांग गैर संवैधानिक है। प्लैस ऑफ वर्शिप एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या जजमेंट के बाद किसी भी धर्म के किसी भी पवित्र स्थान पर अब कोई सवाल नहीं उठा सकता है। इसलिए जो यथास्थिति है वहीं बनी रहेगी। 1500 गांवों में मैं समरसता अभियान के तहत जाऊंगा और पार्टी की स्थिति को मजबूत करूंगा।'आपको बता दें कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष पांडे ने करीब 14 एकड़ जमीन पर दावा करते हुए ईदगाह को हटाने की मांग की है। उन्होंने आदेश 7 नियम 99 के दिए प्रार्थनापत्र पर आपत्ति दाखिल की थी। कोर्ट अब इस मामले पर 23 फरवरी को सुनवाई करने वाला है। वहीं हिंदूवादी संगठन भी ईदगाह वाली जमीन पर लगातार दावा ठोक रहे हैं।
