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महादेव बेटिंग एप का मास्टरमाइंड दुबई में गिरफ्तार, अगले 10 दिन के अंदर लाया जा सकता है भारत, ED ने दी जानकारी

Mahaveda Betting App: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जानकारी दी कि महावेद बैटिंग एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को UAE से जल्द भारत लाया जा सकता है। बता दें, इससे पहले इस मामले में कई बड़ी हस्तियों को भी समन जारी किया गया था।

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जल्द भारत लाया जायेगा महादेव बेटिंग ऐप मामले का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Mahaveda Betting App: दिसंबर 2023 में महावेद बैटिंग एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को UAE में हिरासत में ले लिया गया था, तक से वो दुबई पुलिस की कस्टडी में ही है। ED के एक्शन पर 2023 में सौरभ चंद्राकर को दुबई में पुलिस ने डिटेन किया था। ईडी सुत्रो का कहना है की अब लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है और अगले 10 दिनों में उसे भारत डिपोर्ट कर लिया जाएगा।

बता दें, दुबई से अपने प्रमोटरों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल द्वारा संचालित महादेव सट्टेबाजी ऐप ने कई जांच एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है। कई अवैध सट्टेबाजी ऐप लॉन्च किए गए थे जो हजारों करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के साधन के रूप में काम करते थे। चंद्राकर की पार्टियों में प्रदर्शन करने या भाग लेने वाले शीर्ष हस्तियों को भी ईडी ने पहले समन भेजा था।

जानें क्या है पूरा मामला

ये पूरा मामला सट्टेबाजी का है। इसी मामले में महादेव ऐप के प्रमोटर विवादों में हैं। बता दें कि ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म महादेव बुक ऐप की जांच ईडी और कई राज्यों की पुलिस कर रही है। मामले में छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल का नाम सामने आया था। ये एक मनी लॉन्ड्रिंग केस है। रिपोर्ट्स के अुसार सौरभ एक समय छत्तीसगढ़ के भिलाई में महादेव के नाम से जूस बेचता था। पर बाद में उसने ऑनलाइन गेमिंग ऐप महादेव बनाई। सौरभ और रवि ने एक गेमिंग ऐप के जरिए 10-15 लाख का सट्टा लगाया पर पैसे हार गए। फिर वे पैसा न चुकाना पड़े इसलिए दुबई भाग गए। वहां छोटी मोटी जॉब से पैसे कमाए और महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप लॉन्च की, जिसके जरिये ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। रिपोर्ट्स के अनुसार सौरभ ने इससे 20000 करोड़ रु की संपत्ति हासिल की। सौरभ चंद्राकर ने 18 सितंबर 2022 को दुबई के एक 7 स्टार होटल में अपनी शादी की एक पार्टी में कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी को बुलाया। इस पार्टी पर करोड़ों रुपये खर्च किए थे।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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