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मनीष सिसोदिया की बढ़ीं मुश्किलें, गृह मंत्रालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुकदमा चलाने की दी इजाजत

Manish Sisodia: दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब गृह मंत्रायल ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी को मुकदमा चलाने की परमिशन दे दी है।

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मनीष सिसोदिया की बढ़ीं मुश्किलें

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Manish Sisodia: दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गृह मंत्रालय ने दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ मुकदमा चलाने की परमिशन दे दी है। जानकारी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ मुकदमा चलाने की परमिशन मांगी थी। बता दें कि इससे पहले नवम्बर, 2024 के एक आदेश में सुप्रीम ने ईडी (ED) से कहा था कि किसी भी पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए ऑथोरिटी से परमिशन लेनी होगी।

ईडी ने मनीष सिसोदिया को बताया था घोटाले का मास्टरमाइंड

बता दें, ईडी इस मामले पहले ही अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी है। अरविंद केजरीवाल चार्जशीट के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट गए थे और उन्होंने कहा था कि चार्जशीट के संज्ञान लेने पर रोक लगाई जाए। ईडी ने 21 मार्च को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था और मई में उनके, पार्टी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। वहीं ईडी ने शराब घोटाला मामले में अपनी चार्जशीट में अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया को भी घोटाले का मास्टरमाइंड बताया था। जांच एजेंसी का कहना था कि केजरीवाल और सिसोदिया ने साउथ लॉबी की मदद के लिए आबकारी नीति 2021-22 में बदलाव किए थे जिसमें कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी। सूत्रों की मानें तो दी गई 100 करोड़ रुपये की रिश्वत में से आम आदमी पार्टी ने 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार में किया था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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