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Delhi Liquor Policy: शराब घोटाले में ED ने समीर महेंद्रू को किया गिरफ्तार, AAP बोली- सिसोदिया भी हो सकते हैं अरेस्ट

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  • Updated Sep 28, 2022, 06:29 PM IST

प्राथमिकी के अनुसार, इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू द्वारा कथित तौर पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के 'करीबी सहयोगियों' को करोड़ों में कम से कम दो भुगतान किए गए थे। महेंद्रू, शराब के उन व्यापारियों में से एक हैं, जो अब समाप्त हो चुकी आबकारी नीति की कथित अनियमितताओं में शामिल थे।

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मनीष सिसोदिया का करीबी गिरफ्तार (फाइल फोटो)

Photo : PTI

दिल्ली की शराब नीति घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मनीष सिसोदिया के एक करीबी समीर महेंद्रू को गिरफ्तार कर लिया है। महेन्द्रू इंडोस्पिरिट्स नाम कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं। वहीं आप ने दावा किया है कि बीजेपी गुजरात में हार रही है, इसलिए वो ऐसी कार्रवाई करवा रही है। आप का दावा है कि सिसोदिया भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं।

पीटीआई के अनुसार सूत्रों ने कहा कि रातभर चली पूछताछ के बाद महेन्द्रू को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमलए) के आपराधिक प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। आरोपी को एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उसकी रिमांड का अनुरोध करेगी।

इस मामले में एक दिन पहले सीबीआई ने व्यवसायी विजय नायर को गिरफ्तार किया था। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी कथित अनियमितताओं के मामले में आरोपी हैं। सीबीआई द्वारा प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने धन शोधन का मामला दर्ज किया है और अब तक दोनों एजेंसियों ने इस मामले में कई छापे मारे हैं।

इस मामले को लेकर आप और बीजेपी के बीच वार-पलटवार भी जारी है। आप का दावा है कि कोई घोटाला नहीं हुआ है। बीजेपी सिर्फ राजनीति के कारण उसे तंग कर रही है। इस गिरफ्तारी के बाद भी आप ने कहा कि मनीष सिसोदिया भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं, क्योंकि गुजरात में बीजेपी आप से डर गई है।

बता दें कि सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि सिसोदिया के कथित सहयोगी अर्जुन पांडेय ने नायर की ओर से महेन्द्रू से दो से चार करोड़ रुपये लिए थे। नायर, एक मनोरंजन कंपनी ओनली मच लॉउडर का पूर्व सीईओ हैं।

सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है कि मामले में आरोपी मनीष सिसोदिया और अन्य लोक सेवकों ने "निविदा के बाद लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देने के इरादे से" सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना आबकारी नीति 2021-22 से संबंधित निर्णय लिए थे। इस घोटाले में मनीष सिसोदिया सहित कुल 15 लोगों को आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है।

एजेंसी इनपुट के साथ

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