Manipur Violence Update: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूरोपीय संघ की संसद में भारत के आंतरिक मामले मणिपुर पर चर्चा हुई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने ट्वीट किया कि मणिपुर जल रहा है। यूरोपीय संघ की संसद ने भारत के आंतरिक मामले पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। इस बीच, राफेल के जरिये बैस्टिल दिवस परेड का टिकट मिल गया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी मणिपुर की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि लोगों के बुनियादी मुद्दों का समाधान करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। भारत ने मणिपुर की स्थिति पर यूरोपीय संघ की संसद में पारित किए गए एक प्रस्ताव को गुरुवार को ‘औपनिवेशिक मानसिकता’ से प्रेरित करार देते हुए खारिज कर दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि भारत के आंतरिक मामलों में इस तरह का हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।
कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए पेरिस से गृह मंत्री अमित शाह को फोन करना अच्छी बात है, लेकिन उन्होंने अमेरिका के दौरे के समय मणिपुर हिंसा को लेकर ऐसा क्यों नहीं किया था। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर पर पूरी तरह मौन व्रत पर रहने की शपथ ले ली है।
उधर मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। चुराचांदपुर में कुछ दिन पहले एक्सिस बैंक से 2.25 करोड़ रुपए से अधिक के आभूषण और नकदी गायब होने की घटना के बाद अपराधियों ने कांगपोकपी जिले के एक अन्य बैंक को निशाना बनाया और करीब एक करोड़ रुपए मूल्य के कम्प्यूटर तका इलेक्ट्रॉनिक्स सामान लूट लिया। मणिपुर राज्य सहकारी बैंक की कांगपोकपी शाखा चार मई से बंद थी। मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। तब से अब तक कम से कम 150 लोगों की जान जा चुकी है। (एजेंसी इनपुट के साथ)
