Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों से आज एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। जिसमें महाविकास अघाड़ी (MVA) खेमे को एक ऐसा बड़ा झटका लगा है, जिसने राज्य की राजनीति में पूरी तरह से हड़कंप मचा दिया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के सभी 6 मौजूदा सांसदों ने पाला बदल लिया है। ये सभी सांसद मुंबई में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde Shiv Sena) के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना में शामिल हो गए हैं। एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले सांसदों का नाम ओमप्रकाश राजे निंबालकर, संजय जाधव, संजय पाटिल, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे और नागेश पाटिल-आष्टीकर है।
मंच पर एक साथ दिखे सांसद और शिंदे
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस बड़े उलटफेर की तस्वीरें भी साफ हो गईं। शिवसेना (UBT) के ये सभी सांसद एकनाथ शिंदे के साथ मंच साझा करते नजर आए, बल्कि वे औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल भी हो गए। इस घटनाक्रम ने उद्धव ठाकरे गुट को दिल्ली से लेकर मुंबई तक एक बड़ा सियासी और मनोवैज्ञानिक झटका दिया है।
इस पूरे महा-उलटफेर के पीछे एक बेहद गुप्त और सुनियोजित योजना थी, जिसे राजनीतिक गलियारों में 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) कोडनेम दिया गया था। पर्दे के पीछे गुपचुप तरीके से चल रहा यह मिशन अब पूरी तरह से कामयाब हो चुका है। इसकी सफलता पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बेहद दिलचस्प और सस्पेंस भरे अंदाज में अपनी बात रखी।
ऑपरेशन सफल रहा-फडणवीस
इस बड़े राजनीतिक दलबदल और सांसदों के विलय को लेकर जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "अभी बाजार में जो भी अटकलें और चर्चाएं चल रही हैं, वे सब झूठी हैं। आप लोग बस थोड़ा सा इंतजार करें, आपको बहुत जल्द ही एक बड़ी ब्रेकिंग न्यूज मिलने वाली है।" शिंदे का यह बयान भले ही सस्पेंस से भरा था, लेकिन इसने साफ कर दिया कि पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी।
वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम के 'मास्टरमाइंड' माने जा रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने चिर-परिचित मजाकिया और सधे हुए अंदाज में एक बड़ा इशारा किया। 'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता पर चुटकी लेते हुए फडणवीस ने कहा, "ऑपरेशन सफल रहा, और शरीर (बॉडी) पूरी तरह से स्वस्थ है।"
क्या हैं इस 'स्वस्थ बॉडी' के मायने?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, फडणवीस का यह कहना कि 'बॉडी पूरी तरह स्वस्थ है', एक बहुत गहरा कानूनी और राजनीतिक संकेत है। इसका सीधा मतलब यह है कि उद्धव गुट से टूटने वाले सांसदों की संख्या बिल्कुल सुरक्षित है। दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत कार्रवाई से बचने के लिए जितने आवश्यक संख्या बल की जरूरत थी, यह आंकड़ा उसे पूरी तरह संतुष्ट करता है। यानी कानूनी रूप से यह विलय बिना किसी अड़चन के और पूरी तरह सुरक्षित तरीके से संपन्न हो चुका है।
