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Maharashtra Gas Leak: ठाणे के अंबरनाथ में केमिकल फैक्टरी से गैस लीक, आंखों में जलन और गले में हो रही खराश; घरों में रहने की अपील

Maharashtra Gas Leak: फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें देर रात अंबरनाथ इलाके में स्थिति केमिकल फैक्टरी से गैस लीक की सूचना मिली। गैस लीक के कारण लोगों को आंखों में जलन और गले में खरास जैसी समस्या हो रही है। सभी से घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है।

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अंबरनाथ में गैस लीक के बाद छाया अंधेरा।

Photo : Times Now Digital

Maharashtra Gas Leak: महाराष्ट्र के ठाणे से बड़ी खबर सामने आई है। यहां के अंबरनाथ इलाके में केमिकल फैक्टरी में गैस लीक हो गई है, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि लोगों को आंखों में जलन और गले में खरास की समस्या हो रही है। कई लोगों ने दम घुटने की भी शिकायत की है। इस बीच अधिकारियों ने लोगों से अपने-अपने घरों में रहने की अपील की है। मौके पर फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौजूद हैं।

अंबरनाथ फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें देर रात गैस लीक की सूचना मिली, जिसके बाद राहत कार्य के लिए फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची है। बताया जा रहा है कि गैस लीक के कारण सड़कों पर अंधेरा जैसा छा गया है, लोग नाक-मुंह ढक कर निकल रहे हैं। बी केबिन रोड पर धुएं जैसा ( धुंधला ) हो गया है।

नियंत्रण में आई स्थिति

फायर ब्रिगेड के चीफ फायर ऑफिसर भागवत सोनवणे ने बताया कि घटना गुरुवार रात 11 बजे की है। गैस लीक होने के बाद लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी। सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया, अब कम्पनी में लीकेज कम हो गई है। गैस लीकेज के कारण किसी के हताहत या हॉस्पिटल में भर्ती होने की कोई खबर नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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