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Maharashtra CM: अजित पवार ने जताई फडणवीस के नाम पर सहमति! आज हो सकता है महाराष्ट्र CM पर फैसला, इस फार्मूले पर बनेगी नई सरकार

Maharashtra CM: सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए एक सीएम और दो डिप्टी सीएम का फार्मूला तय हुआ है। वहीं, महायुति की पार्टियों को हर 6 से 7 विधायक पर एक मंत्री पद मिल सकता है। माना जा रहा है कि दिल्ली में आज बैठक के बाद सीएम के नाम का ऐलान हो सकता है।

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कौन होगा महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री।

Photo : PTI

Maharashtra CM: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह तो तय हो गया है कि अगली सरकार महायुति की ही बनेगी। हालांकि, इस प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री पद को लेकर उठापटक जारी है। इस बीच खबर है कि आज महाराष्ट्र के नए सीएम का ऐलान हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस आज दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात कर सकते हैं। उनके साथ एकनाथ शिंदे और अजित पवार के भी होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए एक सीएम और दो डिप्टी सीएम का फार्मूला तय हुआ है। वहीं, महायुति की पार्टियों को हर 6 से 7 विधायक पर एक मंत्री पद मिल सकता है। हालांकि, इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस बीच, शिंदे और पवार गुट की ओर से सीएम पद का दावा किया जा रहा है। देर रात शिवसेना विधायक दल की एक बैठक में सीएम एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। वहीं, एनसीपी विधायकों ने अजित पवार को अपना नेता चुना है।

देवेंद्र फडणवीस के नाम पर राजी हुआ अजित पवार गुट

सूत्रों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनने के लिए अजित पार का गुट सहमत हो गया है। रविवार को हुई मीटिंग में अजीत पवार और उनके सभी विधायकों ने देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनाने का समर्थन किया। हालांक, शिंदे कैम्प में अभी भी उनके विधायक चाहते है कि सीएम एकनाथ शिंदे ही बने रहें। शिवसेना विधायकों का मानना है कि लाडली बहन योजना सीएम एकनाथ शिंदे ने शुरू की थी, जिसका फायदा महायुति को हुआ। शिंदे कैंप का मानना है कि आने वाले बीएमसी चुनाव और दूसरे म्युनिसिपल चुनावों में एकनाथ शिंदे का सीएम बनने से फायदा होगा। वहीं बीजेपी के नेता चाहते है कि सबसे ज्यादा सीट बीजेपी की है इसलिए बीजेपी की तरफ देवेंद्र फडणवीस को ही सीएम बनाना चाहिए।

26 नवंबर को खत्म हो रहा विधानसभा का कार्यकाल

बता दें, महाराष्ट्र में 26 नवंबर को विधानसभा का कार्यकाल को खत्म हो रहा है। इससे पहले सरकार गठित होनी है। ऐसे में माना जा रहा है कि आज सीएम के नाम के ऐलान के साथ ही शपथ ग्रहण समारोह की भी घोषणा हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, राजभवन की ओर से मंगलवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। ऐसा न होने पर राज्य में सरकार गठन होने तक राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ेगा।

भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार 100 से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रही। 149 सीटों पर लड़ने वाली भाजपा को 132 सीटों पर जीत हासिल हुई। वहीं, शिवसेना को 57 व एनसीपी को 41 सीटों पर जीत मिली। इसके मुकाबल महाविकास अघाड़ी 49 सीटों पर ही सिमट कर रह गई।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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