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महाराष्ट्र में महाभारत! गडकरी ने ली चुटकी- मंत्री पद के लिए है 'भीड़', उम्मीद पाले लोग सोच रहे कि सिलाए सूट का क्या करें

  • Curated by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jul 7, 2023, 07:22 PM IST

दरअसल, अजित पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का एक गुट दो जुलाई को महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुआ था। आगे विपक्षी नेता दावा करने लगे कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत गुट और उसके सहयोगी दल भाजपा के कई विधायक नाराज हैं क्योंकि उनके मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा को धक्का लगा।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। (फाइलः बीसीसीएल)

महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्री पद की चाहत रखने वालों की चुटकी ली है। उन्होंने कहा है कि मंत्री पद की महत्वाकांक्षा रखने वाले दुखी हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लिए बहुत ‘भीड़’ है। ऐसे में इन लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि (मंत्री बनने पर पहनने के लिए) ‘सिलाए गए सूट’ का क्या करें।

सूबे के नागपुर में शुक्रवार (सात जुलाई, 2023) को नागपुर विद्यापीठ शिक्षण मंच की आयोजित हुए कार्यक्रम में उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री की ओर से दिए ‘घरेलू मानव खुशी सूचकांक’ (Domestic Human Happiness Index) का संदर्भ दिया और कहा कि अधिकतर लोग कभी खुश नहीं होते।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सीनियर नेता ने आगे बताया, ‘‘अगर लोग स्वीकार कर ले कि वह जितने का हकदार है, उसे उससे अधिक मिला है तो वह व्यक्ति खुश और संतुष्ट रह सकता है। अन्यथा पार्षद नाखुश हैं कि वे विधायक नहीं बन सके, विधायक नाखुश हैं कि वे मंत्री नहीं बन सके और मंत्री इसलिए नाखुश रहते हैं कि उन्हें अच्छा मंत्रालय नहीं मिला है।’’

मजाकिया लहजे में वह आगे बोले- अब जो मंत्री बनने जा रहे हैं, वे यह सोचकर नाखुश हैं कि उनकी बारी कभी आएगी भी या नहीं, यहां बहुत भीड़ हो गई है। वे लोग सूट (शपथ ग्रहण समारोह के लिए) सिलाकर तैयार थे। अब सवाल यह है कि उस सूट का क्या करें क्योंकि (मंत्री पद के आकांक्षियों की) भारी भीड़ है। मंत्री के मुताबिक, "कार्यक्रम को जिस सभागार में आयोजित किया जा रहा है, उसकी क्षमता 2200 है तथा इसमें और भी बहुत लोग समा सकते हैं लेकिन मंत्रिमंडल का आकार नहीं बढ़ाया जा सकता है।" (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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