Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी है। ट्विशा का परिवार सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिला था। वहीं, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह अपना बयान दर्ज कराने पुलिस थाने जा सकती हैं। तो वहीं ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह ने निचली अदालत से कोई राहत नहीं मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। जमानत याचिका में दावा किया गया है कि उनका परिवार जांच टीम के साथ लगातार सहयोग कर रहा है इसलिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है।
आरोपी ने जांच में सहयोग करने का दावा किया
अपने भाई सिद्धार्थ सिंह द्वारा एकल पीठ के समक्ष दायर विविध आपराधिक मामले (एमसीआरसी) में, याचिकाकर्ता ने दावा किया कि अभियोजन की पूरी कहानी कल्पना और अनुमानों पर टिकी है और हर मामले में महत्वपूर्ण सामग्री पहले ही जब्त की जा चुकी है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद से फरार आवेदक ने अपनी 69 पन्नों की याचिका में दावा किया कि वह और उनकी मां आज तक जांच में सहयोग कर रहे हैं।
मजिस्ट्रेट अदालत से अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
फरार आरोपी ने उच्च न्यायालय का रुख तब किया जब भोपाल में मजिस्ट्रेट अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह को राहत दे दी। मामले में दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम भी है।
12 मई को मृत मिली ट्विशा
मॉडल एवं अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। ट्विशा (33) के परिवार ने उनके ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर मौत के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थीं। पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वाले के लिए नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही पुलिस ने उसका पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए अदालत का रुख किया है।
'व्हाट्सएप चैट के साथ छेड़छाड़ की गई'
अपने आवेदन में, फरार आरोपी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत व्हाट्सएप चैट संपादित और अधूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्हाट्सएप चैट के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। समर्थ ने ट्विशा को भेजे गए पैसों के संबंध में स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए और दावा किया कि उनकी ओर से दहेज उत्पीड़न के आरोप बहुत निराशाजनक हैं। समर्थ के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने ’पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में आरोप लगाया कि इस घटना के बाद ’सहानुभूति की लहर’ बटोरने के लिए ट्विशा के परिजनों की ओर से नयी कहानी प्रस्तुत की जा रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।
'परिवार के साथ तालमेल बिठाने में कुछ समय लगता है'
उन्होंने दावा किया कि परिवार में ट्विशा, उसकी सास और पति साथ रहते थे और आपस में उनके संबंध बहुत अच्छे थे। उन्होंने कहा कि उनकी नयी शादी थी और दोनों अलग-अलग संस्कारों से आए थे, इसलिए छोटी-मोटी नोकझोंक हो जाया करती थी, जैसा कि हर पति-पत्नी के बीच होती है। उन्होंने कहा कि नयी-नयी शादी के बाद परिवार के साथ तालमेल बिठाने में कुछ समय लगता है।
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