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ग्रहण जीवन, व्यवहार, भविष्य या अतीत पर नहीं डालते हैं असर- अंधविश्वासों के बीच बोले खगोल वैज्ञानिक

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 8, 2022, 05:54 PM IST

Lunar Eclipse 2022: दरअसल, भारत में लोग ग्रहण के दौरान न तो खाना खाते हैं और न ही पकाते हैं। कुछ लोग इस प्रकार की खगोलीय घटनाओं के दौरान अपने घर से बाहर भी नहीं निकलते हैं। इस बीच, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि इसके संपर्क में आने से भ्रूण को नुकसान हो सकता है।

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ग्रहण एक किस्म की प्राकृतिक और खगोलीय घटना होती है।

Photo : iStock

Lunar Eclipse 2022: साल 2022 के आखिरी ग्रहण के मद्देनजर फैले अंधविश्वासों के बीच खगोल वैज्ञानिक देवी प्रसाद दुआरी ने कहा है कि ग्रहण को प्राकृतिक खगोलीय घटना के रूप में ही मानना चाहिए। यह हमारे जीवन, व्यवहार, भविष्य या अतीत पर असर नहीं डालते हैं। उन्होंने इसके साथ ही अपील की कि इससे जुड़े अंधविश्वासों पर आपको यकीन नहीं करना चाहिए।

दुआरी के मुताबिक, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 21वीं सदी में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास के बावजूद लोग इस तरह की प्राकृतिक खगोलीय घटनाओं से जुड़े अंधविश्वासों को मानते हैं। बकौल एक्सपर्ट, ‘‘लोगों को इस तरह की बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और आगे बढ़कर इसे सिर्फ एक प्राकृतिक खगोलीय घटना के रूप में ही मानना चाहिए।’’

रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी और इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन जैसे प्रतिष्ठित संगठनों से जुड़ाव रखने वाले दुआरी बोले कि सूर्य या चंद्र ग्रहण को लेकर अंधविश्वास न केवल देश में बल्कि दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित है।

दरअसल, भारत में लोग ग्रहण के दौरान न तो खाना खाते हैं और न ही पकाते हैं। कुछ लोग इस प्रकार की खगोलीय घटनाओं के दौरान अपने घर से बाहर भी नहीं निकलते हैं। इस बीच, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि इसके संपर्क में आने से भ्रूण को नुकसान हो सकता है।

हालांकि, सूर्य ग्रहण से जुड़े अंधविश्वास चंद्र ग्रहण की तुलना में अधिक हैं। दुआरी ने कहा, ‘‘किसी भी तरह से ग्रहण हमारे जीवन, हमारे व्यवहार, हमारे भविष्य या हमारे अतीत को प्रभावित नहीं करेगा। ’’ खगोल वैज्ञानिक ने कहा कि चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पूर्णिमा की रात को पृथ्वी के छाया क्षेत्र से होकर गुजरता है।

चंद्र ग्रहण देखने के लिए सावधानियों की आवश्यकता नहीं है, हालांकि सूर्य ग्रहण देखने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय करना जरूरी है। आंखों से सीधे सूर्य ग्रहण देखने से रेटिना को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। आंशिक सूर्य ग्रहण के ठीक एक पखवाड़े बाद मंगलवार (आठ नवंबर, 2022) को भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पूर्ण चंद्रग्रहण देखने को मिला।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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