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'सदन में LoP नहीं कर पाते हैं परफॉर्म, एजेंडे के तहत करते हैं काम ', टाइम्स नाउ समिट में राहुल गांधी पर बोले किरेन रिजिजू

किरेन रिजिजू ने कहा कि हम बहुत खुश होंगे यदि राहुल यदि तथ्यों के साथ बोले। जब आप संसद में बोलते हैं तो आपको कुछ नियमों का पालन करना होता है। मौका देने के लिए आप स्पीकर को धन्यवाद देते हैं। वह खड़ा होते हैं और स्पीकर को धन्यवाद दिए बगैर बोलना शुरू कर देते हैं।

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टाइम्स नाउ समिट 2026 में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू।

Times Now Summit 2026 : राहुल गांधी सदन में नियमों को दरकिनार कर अपनी बात रखते हैं। वह स्पीकर को सम्मान भी नहीं देते जो उन्हें बोलने की इजाजत देता है। वे बस आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखते हैं और सरकार पर बिना तथ्यों के आरोप लगाते हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारी निभा नहीं पाते, यह देखकर हमें दुख होता है। ये बातें संसदीय कार्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को टाइम्स नाउ समिट 2026 में कहीं। टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में रिजिजू ने कहा कि सदन जब चलता है तब वह लापता रहते हैं, कई बार वे देश में भी नहीं होते।

तथ्यों के साथ नहीं बोलते राहुल गांधी-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने कहा कि 'हम बहुत खुश होंगे यदि राहुल यदि तथ्यों के साथ बोले। जब आप संसद में बोलते हैं तो आपको कुछ नियमों का पालन करना होता है। मौका देने के लिए आप स्पीकर को धन्यवाद देते हैं लेकिन वह खड़ा होते हैं और स्पीकर को धन्यवाद दिए बगैर बोलना शुरू कर देते हैं। उनका संबोधन भी बहुत आक्रामक होता है। आपको बोलने का अधिकार है लेकिन इसके लिए इजाजत लेनी हाती है। कैसा आचरण करना चाहिए इसका प्रशिक्षण राहुल गांधी को लेना चाहिए। दुख के साथ कहना पड़ता है कि नेता प्रतिपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभा नहीं पाते।'

'सरकार के जवाब से संतुष्ट थे विपक्षी दल'

पश्चिम एशिया संकट पर हुई सर्वदलीय बैठक के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों को एकमत होना मुश्किल है। इस तरह की बैठकों में काफी सवाल जवाब होते हैं। सर्वदलीय बैठक में सभी विपक्ष पार्टियों की चिंताओं का समाधान सरकार ने किया। वे जवाब से संतुष्ट थे। बैठक बड़ी थी। खास बात यह रही कि बैठक के अंत में सभी विपक्षी दलों ने कहा कि वे सरकार के साथ हैं। बैठक सार्थक थी और वह इससे संतुष्ट हैं। इस सवाल पर कि सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी, टीएमसी नहीं थे। रिजिजू ने कहा कि 'राहुल जी ने व्यक्तिगत रूप से मुझे बताया कि उन्हें अपनी मां जो कि इस समय अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हें उनकी देखभाल करनी है।' राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य तारिक अनवर को सर्वदलीय बैठक में भेजा। टीएमसी ही एकमात्र विपक्षी दल है जिसने इस बैठक से दूरी बनाई।

'पश्चिम एशिया संकट पर पीएम ने संसद में जवाब दिया'

रिजिजू ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट की वजह दुनिया भर में ईंधन एवं गैस की उपलब्धता पर फैली अनिश्चितता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के दोनों सदनों में जवाब दे चुके हैं। पीएम ने दोनों सदनों में जवाब दिया। बजट सत्र के दौरान ज्यादातर विपक्ष के सदस्यों ने एलपीजी, गैस का मुद्दा उठा चुके हैं। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष की बातों को सरकार ध्यान से सुनती है। उन्होंने आगे कहा कि संसदीय कार्यमंत्री के रूप में विपक्ष के साथ ताल-मेल बिठाना उनका काम है। रिजिजू ने कहा, 'मैंने यह जिम्मेदारी अपने पूर्ववर्तियों प्रमोद महाजन, सुषमा स्वराज और वेंकैया नायडू से सीखी। संसदीय कार्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद नेता प्रतिपक्ष से मिलने उनके आवास पर गया। सरकार से सवाल करना, नारेबाजी करना और शोर-गुल मचाना विपक्ष का अधिकार है लेकिन यह सदन की कार्यवाही में बाधा खड़ी करने वाला नहीं होना चाहिए।

'मैं राहुल गांधी का दिमाग नहीं बदल सकता'

'नरेंद्र सरेंडर, पीएम कंप्रोमाइज्ड' के आरोप पर रिजिजू ने कहा कि 'मैं राहुल गांधी के दिमाग को बदल नहीं सकता है। वह एक एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं। जो लोग उन्हें गाइड कर रहे हैं, वे सदन की परंपरा और गरिमा को नहीं समझते हैं। देश ने जो हासिल किया है, उसे वह चुनौती दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अब तक के सबसे ताकतवर पीएम हैं, लेकिन वे इस छवि को कमजोर बना रहे हैं। आज पीएम का कद भारत के अब तक के नेताओं से बहुत बड़ा है। नेता प्रतिपक्ष को ज्यादा परिपक्व होना चाहिए। वह कुछ भी पहनकर संसद आ जाते हैं। नियम एवं शिष्टाचार का पालन नहीं करते। आप जब नेता प्रतिपक्ष होते हैं तो आपको एक तय तरीके से व्यवहार करना होता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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