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लोकसभा से विनियोग विधेयक 2026 ध्वनिमत से हुआ पारित; विपक्ष ने चर्चा में नहीं लिया हिस्सा, सदन दिनभर के लिए स्थगित

वर्तमान मानसून सत्र के दौरान अब तक लोकसभा पांच विधेयक पारित कर चुकी है। इनमें पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल चुकी है।

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लोकसभा (फोटो- PTI)

संसद के मानसून सत्र के दौरान आज का दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले सदन ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। वहीं, विपक्ष कार्यवाही के दौरान पूरे समय राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के आरोप और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करता रहा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया विधेयक

दोपहर 2 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अध्यादेश के स्थान पर कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। यह विधेयक सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश से जुड़े आयकर प्रावधानों में संशोधन के साथ-साथ पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2027 में बदलाव का प्रस्ताव करता है।

हालांकि इस विधेयक के विरोध में नोटिस देने वाले विपक्षी सदस्यों को अध्यक्ष द्वारा बोलने के लिए नाम पुकारे जाने के बावजूद किसी ने चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। इस दौरान सदन में लगातार शोर-शराबा और नारेबाजी होती रही।

लोकसभा ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को किया पारित

हंगामे के बीच लोकसभा ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक का उद्देश्य भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से उन अतिरिक्त खर्चों को मंजूरी देना है, जो 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान स्वीकृत राशि से अधिक हुए थे।

ओम बिरला ने की थी ये अपील

इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से प्रश्नकाल को सुचारु रूप से चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां देशहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए और कानून बनाए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संसद नारेबाजी या तख्तियां दिखाने का मंच नहीं है।

विपक्ष मांगता रहा जवाब

विपक्षी सदस्य "गृह मंत्री जवाब दो" जैसे नारे लगाते रहे और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगते रहे। अध्यक्ष बिरला ने यह भी बताया कि उन्होंने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सभी दलों के नेताओं से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने का अनुरोध किया था।

अब तक पांच विधेयक हुए पारित

वर्तमान मानसून सत्र के दौरान अब तक लोकसभा पांच विधेयक पारित कर चुकी है। इनमें पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल चुकी है।वहीं जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 तथा सुप्रीम कोर्ट जज (संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जिसके तहत उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव है, फिलहाल राज्यसभा में विचाराधीन हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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