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लोकसभा में टूटी परंपरा...होता रहा हंगामा, प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित

लोकसभा में शोर-शराबे के बीच ही स्पीकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 28 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में दिए गए अभिभाषण पर निचले सदन में लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन के समक्ष रखा। हंगामे के बीच ही सभा ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया।

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लोकसभा में हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव पारित

Photo : PTI

Lok Sabha passes Motion of Thanks: लोकसभा ने गुरुवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके तत्काल बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का प्रधानमंत्री द्वारा सदन में जवाब देने की परंपरा है, लेकिन गतिरोध की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब लोकसभा में नहीं हुआ और प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।

विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी

विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण एक बार के स्थगन के बाद बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कराए। उन्होंने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के सांसदों को बैनर नहीं दिखाने को कहा। शोर-शराबे के बीच ही उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 28 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में दिए गए अभिभाषण पर निचले सदन में लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन के समक्ष रखा। हंगामे के बीच ही सभा ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया।

राहुल ने नरवणे की अप्रकाशित किताब का किया जिक्र

धन्यवाद प्रस्ताव के बाद दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सर्वानंद सोनोवाल ने सोमवार को रखा था और इसका अनुमोदन करते हुए भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने अपने विचार रखे थे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के हवाले से चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन अध्यक्ष बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।

पिछले चार दिन से गतिरोध की स्थिति रही

इस मुद्दे पर सदन में पिछले चार दिन से गतिरोध की स्थिति बनी रही। मंगलवार को आसन के समीप हंगामे के दौरान कागज उछालकर आसन की ओर फेंकने के मामले में विपक्ष के आठ सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। बुधवार को चर्चा में तेलुगु देशम पार्टी के (तेदेपा) के सांसद जीएम हरीश बालयोगी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने हिस्सा लिया। दुबे ने कुछ किताबों का जिक्र करते हुए नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधा और कई तरह के आरोप लगाए।

आसन ने दुबे को नियम का हवाला देते हुए किसी किताब को दिखाने या उसका उल्लेख करने की अनुमति नहीं दी। विपक्ष के सदस्यों ने दुबे के आरोपों पर जोरदार हंगामा किया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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