Delhi Blast Updates: दिल्ली ब्लास्ट मामले पर हरियाणा पुलिस के सूत्रों ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। सूत्रों का कहना है कि आतंकी नेटवर्क में शामिल डॉक्टर्स देश भर में बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। दिल्ली ब्लास्ट की तरह अन्य शहरों में हमले की योजना बनाई गई थी। इसके लिए आई-20 की तर्ज पर विस्फोटकों से लदी तीन और कारें तैयार की जानी थी। इस आतंकी नेटवर्क पर सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि अयोध्या, प्रयागराज सहित कई जगह निशाने पर थे। हालांकि, हमला किस दिन होना है, इसकी तारीख तय नहीं हो पाई थी। आतंकी चार शहरों में सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे।
दो-दो के सूमह में 8 आतंकी तैयार किए जाने थे
सूत्रों के मुताबिक शहरों में हमला करने के लिए दो-दो के सूमह में 8 आतंकी तैयार किए जाने थे। हर जगह ब्लास्ट के लिए पुरानी सेकेंड हैंड कार की व्यवस्था की गई थी। उमर के पास जो I-20 कार थी, इसके अलावा लाल रंग की इको स्पोर्ट और दो अन्य कार विस्फोटकों से तैयार होनी बाकी थी लेकिन ब्लास्ट की तारीख तय होने से पहले मुजम्मिल समेत कई आतंकी डॉक्टर्स की गिरफ्तारी हो गई। अगर जम्मू कश्मीर पुलिस के जरिए इस यूनिवर्सिटी और डॉक्टर्स की साजिश का खुलासा न होता तो एक साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में 4 से 5 ब्लास्ट हो सकते थे।
आरोपी डॉक्टर्स ने मिलकर Rs 20 लाख का इंतजाम किया
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस पूरे आतंकी हमले की साजिश फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में रची गई। यहां की बिल्डिंग-17 में आतंकी डॉक्टर बैठकें करते थे और हमले की योजना बनाते थे। पुलिस ने गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल के कमरे को सील किया है। उसके रूम से डायरी और पेन ड्राइव बरामद हुई है। जानकारी यह भी है कि लाल किले ब्लास्ट के आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, डॉ. उमर और डॉ. शाहीन सभी ने मिलकर करीब 20 लाख रुपए का इंतजाम किया था। यह रकम उमर को दी गई थी।
20 कुंतल एनपीके फर्टीलाइजर खरीदा
सूत्रों का कहना है कि इस पैसे से इन्होंने गुरुग्राम, नूंह और आस-पास के इलाके से तीन लाख रुपए में 20 कुंतल एनपीके फर्टीलाइजर खरीदा। इस फर्टीलाइजर का इस्तेमाल आईईडी बनाने में होना था। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पैसे को लेकर उमर और डॉ. मुजम्मिल के बीच विवाद भी हुआ था। उमर ने सिग्नल एप पर एक ग्रुप भी बनाया था। इस ग्रुप में करीब चार लोग शामिल थे।
हिरासत में एक और डॉक्टर
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए लाल किले विस्फोट मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी मामले में एक और डॉक्टर अब जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया है। उत्तर प्रदेश ATS ने कानपुर से डॉक्टर आरिफ को हिरासत में लिया है। यह गिरफ्तारी डॉ. परवेज अंसारी की निशानदेही पर की गई है, जिसे पहले ही इस केस में गिरफ्तार किया जा चुका है।
