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लालू यादव इलाज के लिए पटना से दिल्ली पहुंचे, AIIMS में भर्ती; जानें अब कैसी है तबीयत

Lalu Yadav's Health Update: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सियासत के जाने माने 'राजनीतिक खिलाड़ी' लालू यादव की तबीयत अब कैसी है? इलाज के लिए लालू पटना से दिल्ली पहुंच चुके हैं। उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें पटना के पारस अस्पताल ले जाया गया था।

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दिल्ली AIIMS में भर्ती हुए लालू प्रसाद यादव

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के लिए बुधवार को पटना से दिल्ली पहुंच गए हैं। लालू की तबीयत पटना में बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पारस अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद वो शाम को एम्स में इलाज के लिए दिल्ली रवाना हो गए थे।

दिल्ली AIIMS में भर्ती हुए लालू प्रसाद यादव

लालू प्रसाद यादव दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार डॉक्टर राकेश यादव के देख रेख में इलाज जारी है। लालू इलाज के लिए बिहार की राजधानी पटना से देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे है।

लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने दिया था अपडेट

उनके बेटे तेजस्वी यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी थी कि उनके पिता को इलाज के लिए दिल्ली एम्स ले जाया जा रहा है। इससे पहले लालू प्रसाद (76) को कुछ समय के लिए पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तेजस्वी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके पिता की पीठ और हाथ पर घाव हो गए हैं, जिसका दिल्ली में ऑपरेशन कराये जाने की संभावना है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने कहा, 'लालू जी दिल्ली जाने के लिए दोपहर में हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। मेरी मां राबड़ी देवी भी उनके साथ थीं। रक्तचाप में अचानक गिरावट देखी गई, जिसके बाद हम उन्हें पारस अस्पताल ले गए थे।'

डॉक्टर ने लालू की तबीयत पर क्या कहा था?

लालू प्रसाद का इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व करने वाले प्रकाश सिन्हा के अनुसार, 'उन्हें आपातकालीन वार्ड में रखा गया था, जहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ है। वह जानना चाहते थे कि क्या उन्हें एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया जा सकता है। हमने उन्हें जाने के लिए कहा।' विपक्ष के नेता तेजस्वी ने कहा, 'मेरे पिता हिम्मती व्यक्ति हैं। उन्होंने सामान्य विमान से यात्रा को तरजीह दी।' लालू प्रसाद कई वर्षों से मधुमेह से पीड़ित है तथा उनकी हृदय शल्य चिकित्सा और किडनी प्रतिरोपण भी हो चुका है।

कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं लालू यादव

लालू यादव किडनी, हृदय और डायबिटीज जैसी कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। हाल ही में उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ था। लालू यादव का सिंगापुर में किडनी का ट्रांसप्लांट भी हो चुका है। सिंगापुर में रहने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने अपनी किडनी उन्हें दान दी थी। किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद से ही लालू यादव विशेष सुविधा और निगरानी में रहते हैं। यहां तक कि लालू यादव राजधानी के साथ राज्य में जहां कहीं भी जाते हैं, अपने विशेष वाहन से ही जाते हैं।

गौरतलब है कि लालू यादव रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली जाते रहे हैं। इस बीच, उनकी तबीयत खराब होने की खबर के बाद राजद के समर्थक चिंता में डूब गए हैं। राजद समर्थक लालू यादव के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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