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US से इथेनॉल आयात पर सरकार ने दी सफाई, कहा- पेट्रोल में ब्लेंडिंग के लिए नहीं हो रहा कोई इंपोर्ट

सरकार ने संसद में साफ किया है कि पेट्रोल में ब्लेंडिंग के लिए अमेरिका से इथेनॉल का आयात नहीं किया जा रहा है। संसद में एक सवाल के जवाब में वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।

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भारत अमेरिकी की ट्रेड डील में शामिल नहीं इथेनॉल

India US Ethanol Import : भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से पेट्रोल में मिलाने (ब्लेंडिंग) के लिए इथेनॉल का आयात नहीं किया जा रहा है। केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में भी फ्यूल ब्लेंडिंग के लिए इथेनॉल आयात को लेकर कोई रियायत या प्रतिबद्धता नहीं दी है। सरकार ने कहा कि देश का इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम पूरी तरह घरेलू नीति के तहत संचालित हो रहा है और इसमें इस्तेमाल होने वाला इथेनॉल केवल भारतीय उत्पादकों से खरीदा जाता है।

अमेरिका से आयात की खबरों को बताया भ्रामक

मंत्रालय ने बयान में कहा कि कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि भारत अमेरिका से बड़े पैमाने पर इथेनॉल आयात करने जा रहा है या कर रहा है। सरकार ने इन दावों को भ्रामक बताया। सरकार ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के कार्यक्रम के लिए अमेरिका से कोई इथेनॉल आयात नहीं हो रहा है। यह पूरा कार्यक्रम घरेलू उत्पादन पर आधारित है और आगे भी इसी नीति के तहत संचालित होगा।

घरेलू नीति के अनुसार ही हो रही खरीद

सरकार ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल होने वाला इथेनॉल केवल देश के घरेलू उत्पादकों से खरीदा जाता है। इसलिए यह कहना गलत है कि भारत ने अमेरिका से फ्यूल इथेनॉल आयात की अनुमति दे दी है या ऐसी कोई नीति बनाई है।

E20 पेट्रोल को लेकर जारी है बहस

सरकार की यह सफाई ऐसे समय आई है जब देश में E20 पेट्रोल को लेकर बहस चल रही है। सरकार धीरे-धीरे पेट्रोल पंपों पर 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध करा रही है। हालांकि, कई विशेषज्ञ और वाहन मालिक पुराने वाहनों की अनुकूलता, माइलेज में कमी और उपभोक्ताओं के पास विकल्प कम होने जैसी चिंताएं जता रहे हैं। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।

ट्रेड डील में इथेनॉल शामिल नहीं

सरकार ने यह भी बताया कि India US Trade Deal को लेकर 7 फरवरी, 2026 को भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के लिए जारी संयुक्त बयान में इथेनॉल उन उत्पादों की सूची में शामिल नहीं था, जिन पर भारत ने शुल्क घटाने या समाप्त करने की सहमति दी थी। उस सूची में सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, पशु चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और कुछ अन्य कृषि उत्पाद शामिल थे।

ट्रेड वार्ता अभी भी जारी

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत अभी जारी है। हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) को खारिज किए जाने के बाद व्यापार वार्ताएं और जटिल हो गई हैं। इसके बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने भारत समेत कई देशों की व्यापार नीतियों की जांच भी शुरू की है। सरकार ने दोहराया कि फ्यूल ब्लेंडिंग के लिए इथेनॉल की खरीद और आपूर्ति से जुड़ी नीति पूरी तरह भारत की घरेलू जरूरतों और नीतियों के आधार पर तय होती रहेगी।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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