Ladakh violence: सामाजिक कार्यकर्ता और देश के जाने माने इंजीनियर सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वांगचुक को शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी, लेकिन मीडिया से बात करने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। लद्दाख को अलग राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर आंदोलन के समर्थकों द्वारा किये गए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद यह गिरफ्तारी हुई है।
हिंसा को लेकर जिम्मेदार ठहरा रही पुलिस
अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस डी सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस दल ने अपराह्न 2.30 बजे वांगचुक को हिरासत में लिया। वांगचुक पर लगाए गये आरोपों के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा का कारण बने उकसावे के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है।
पांच साल से चला रहे हैं ये आंदोलन
वांगचुक ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) के वरिष्ठ सदस्य हैं। एलएबी, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के साथ मिलकर पिछले पांच सालों से इन मांगों के समर्थन में आंदोलन चला रहा है। हालांकि, मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे वांगचुक ने इन आरोपों से इनकार किया है।
उन्होंने हिंसा की निंदा की और हिंसा के बाद, दो हफ्ते से चल रहा अपना अनशन भी समाप्त कर दिया था
लद्दाख हिंसा
बीते बुधवार को लेह शहर में राज्य के दर्जे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 90 अन्य घायल हो गए। राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान हिंसा भड़क उठी थी जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी और 90 अन्य घायल हो गए थे।
