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मराठी नहीं सीखी तो बढ़ेगी मुश्किल! महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी समेत पैसेंजर वाहन चालकों पर सख्ती, भाषा टेस्ट में फेल 777 ड्राइवरों को मिला आखिरी मौका

महाराष्ट्र में कमर्शियल पैसेंजर वाहनों के ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की जानकारी अनिवार्य करने के नियम को अब सख्ती से लागू किया जा रहा है। शनिवार को राज्यभर में 5,211 ड्राइवरों का मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान के लिए परीक्षण हुआ, जिसमें 777 ड्राइवर तय मानकों पर खरे नहीं उतर सके।

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महाराष्ट्र में कमर्शियल ड्राइवरों का मराठी टेस्ट (प्रतीकात्मक फोटो)

Maharashtra News: महाराष्ट्र में कमर्शियल पैसेंजर वाहनों के ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की व्यावहारिक जानकारी को लेकर राज्य सरकार ने नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। शनिवार को पूरे महाराष्ट्र में 5,211 ड्राइवरों का मराठी के व्यावहारिक और कार्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया। इनमें से 777 ड्राइवर यह साबित नहीं कर सके कि उन्हें यात्रियों से बातचीत करने लायक मराठी का पर्याप्त ज्ञान है। इन सभी ड्राइवरों को अपनी भाषा संबंधी कमी दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। इनमें 722 ड्राइवर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) से संबंधित हैं।

20 अगस्त से शुरू किया गया था मूल्यांकन

ड्राइवरों का यह मूल्यांकन 20 अगस्त से शुरू किया गया है। सरकार का उद्देश्य ड्राइवरों को रोजमर्रा की बातचीत में इस्तेमाल होने वाली मराठी सीखने का अवसर देना है, ताकि वे यात्रियों की बात समझ सकें और जरूरत पड़ने पर उनकी समस्याओं का समाधान कर सकें। यह नियम ऑटो-रिक्शा और टैक्सी समेत अन्य यात्री परिवहन सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों पर भी लागू होगा।

नियम के पालन के लिए चलाया जा रहा अभियान

महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 में संशोधन कर यात्री वाहनों के ड्राइवरों के लिए मराठी की व्यावहारिक जानकारी को आवश्यक बनाया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, इस पहल का मकसद यात्रियों और ड्राइवरों के बीच बेहतर संवाद सुनिश्चित करना तथा यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। राज्यभर में RTO अधिकारी इस नियम के पालन के लिए अभियान चला रहे हैं।

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल ड्राइवरों को भाषा सीखने और निर्धारित मानक पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है। हालांकि, तय अवधि के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन परमिट को निलंबित अथवा रद्द करने जैसी कार्रवाई भी संभव है।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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