कोलकाता के कालीघाट स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष पर एक स्थानीय युवक ने सरेआम अंडा फेंक दिया। यह घटना तब घटित हुई जब कुणाल घोष पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ एक बैठक समाप्त कर उनके घर से बाहर निकल रहे थे। सुरक्षा घेरे को भेदकर हुए इस औचक हमले से मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और समर्थकों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना को अंजाम देने वाले स्थानीय युवक की पहचान चंदन के रूप में हुई है। आरोपी युवक चंदन ने कहा कि टीएमसी के नेताओं ने आम जनता पर बहुत अत्याचार किए हैं और कुणाल घोष भी जनता के साथ हुए इस अन्याय में बराबर के भागीदार हैं, इसलिए वे इस तरह की सजा के ही हकदार हैं।
मदन मित्रा पर भी फेंके गए थे अंडे
इससे पहले एमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक मदन मित्रा को भी इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ा था। उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी के अरियादह इलाके में उनके दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उनके काफिले पर अंडे फेंके थे और उनके खिलाफ नारेबाजी की थी।
अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने किया था हमला
वहीं, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी भीड़ ने हमला बोला था। चुनाव बाद हुई कथित हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उन पर अंडे और पत्थर फेंके थे और उनके खिलाफ 'चोर-चोर' के नारे लगाए थे।
बागी सांसदों ने NCPI के साथ किया विलय
बता दें कि टीएमसी के बागी सांसदों ने कम जानी-मानी NCPI पार्टी के साथ विलय की घोषणा की और NDA को समर्थन देने का वादा किया। ममता बनर्जी के खेमे ने इस कदम को हास्यास्पद, बेतुका बताया, जबकि बीजेपी ने इसे TMC के गहराते जा रहे संकट का सबूत करार दिया।
