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'हिंदुस्तान में हो रहा आदर्शों का पूर्ण विनाश', मल्लिका साराभाई ने कहा- ज्ञान दे लोगों पर थोपा जाता है हिंदुत्व

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jan 16, 2023, 07:55 AM IST

साराभाई ने आगे दावा किया कि उनके कई दोस्त जेल में हैं और वे सवाल पूछने के लिए मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उनका इशारा हाल-फिलहाल में कुछ अधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की तरफ था।

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68 साल की मल्लिका साराभाई ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित की जा चुकी हैं। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

Photo : IANS

जानी-मानी क्लासिकल डांसर, एक्ट्रेस और एक्टिविस्ट मल्लिका साराभाई ने कहा है कि हिंदुस्तान में आदर्शों का पूर्ण विनाश हो रहा है। उन्होंने इसके साथ ही आरोप लगाया है कि अपने देश में हिंदू धर्म के नाम पर लोगों को ज्ञान दिया जाता है और हिंदुत्व उन पर थोपा जाता है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार (15 जनवरी, 2023) को एपीजे कोलकाता साहित्य समारोह के समापन दिवस पर अपने जीवन, करियर और नृत्य जगत में सफर पर आधारित सेशन के दौरान वह बोलीं कि हिंदू धर्म में सवाल पूछने की कोई मनाही नहीं है।

हालांकि, ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित 68 वर्षीय प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना ने मुल्क में ‘आदर्शों के पूर्ण विनाश’ पर निराशा जाहिर की और आरोप लगाया कि हिंदू धर्म के नाम पर ‘हिंदुत्व’ की विचारधारा को लोगों पर थोपा जा रहा है।

बकौल साराभाई, “आज मैं अपने आस-पास जो कुछ भी देख रही हूं, वह मुझे पूरी तरह से तोड़ रहा है...मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत में हमारे आदर्शों का पूर्ण विनाश होगा और विज्ञापन और ब्रांड-निर्माण की चमक में इतने सारे लोग अंधे हो जाएंगे।”

उनके मुताबिक, “कोलकाता आकर विभिन्न धर्मों के लोगों को वास्तव में साथ-साथ रहते देख बहुत अच्छा लग रहा है... मुझे गुजरात में, अहमदाबाद में ऐसा नहीं दिखता।”

साराभाई ने आगे दावा किया कि उनके कई दोस्त जेल में हैं और वे सवाल पूछने के लिए मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उनका इशारा हाल-फिलहाल में कुछ अधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की तरफ था।

वह यह भी बोलीं, “हिंदू धर्म सवाल पूछने के बारे में है, जैसा कि हमारे शास्त्रों में बताया गया है। लेकिन दुर्भाग्य से हिंदू धर्म के नाम पर हमें हिंदुत्व का ज्ञान दिया जाता है और उसे लोगों पर थोपा जाता है।”

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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