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शराबी मरीज ने 22 साल की महिला डॉक्टर को उतारा मौत के घाट, इलाज के दौरान मारी चाकू

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 10, 2023, 04:06 PM IST

Kerala News: मरीज की पहचान पुयापल्ली चेरुकराकोनम निवासी 42 वर्षीय संदीप के रूप में हुई है। वह पेशे से शिक्षक है। पुलिस अधिकारियों ने बताया, संदीप ने शराब पी रखी थी। जब उसका महिला डॉक्टर इलाज कर रही थी, तभी उसने उन पर हमला कर दिया। इस घटना में युवा महिला डॉक्टर की मौत हो गई।

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केरल में महिला डॉक्टर की हत्या

Photo : BCCL

Kerala News: केरल के कोट्टारक्करा से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 22 वर्षीय महिला डॉक्टर की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप मरीज पर है। बताया जा रहा है कि मरीज ने शराब पी रखी थी और इलाज के दौरान उसने महिला डॉक्टर को चाकू मार दी। इस घटना में करीब चार पुलिस वाले घायल भी हुए हैं।

महिला डॉक्टर की हत्या के बाद शहर भर के डॉक्टरों में आक्रोश है और वह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी तरफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा है कि इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं बर्दाश्त से बाहर हैं। आईएमए ने पूरे केरल में डॉक्टरों के प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

परिवार के साथ झगड़े के बाद पहुंचा था अस्पताल

मरीज की पहचान पुयापल्ली चेरुकराकोनम निवासी 42 वर्षीय संदीप के रूप में हुई है। वह पेशे से शिक्षक है। पुलिस अधिकारियों ने बताया, संदीप ने शराब पी रखी थी। उसने पहले परिवार वालों के साथ झगड़ा किया। इस दौरान मारपीट में वह घायल हो गया था, जिसके बाद पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब डॉक्टर व्यक्ति के पैर के घाव की मरहम-पट्टी कर रही थीं, उसी दौरान वह भड़क गया और कैंची और छुरी से हमला कर दिया।

हमले के वक्त कमरे में अकेली थी डॉक्टरपुलिस अधिकारियों ने बताया, हमले के वक्त कमरे में मरीज और डॉक्टर अकेली थी। जैसे ही मरीज ने उन पर हमला किया, वह जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागी। बाहर खड़े पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसने उन पर भी हमला कर दिया। इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।

डॉक्टर ने तोड़ा दम

हमले के बाद पुलिस पीड़ित डॉक्टर को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां महिला डॉक्टर ने दम तोड़ दिया। आईएमए अधिकारी ने कहा कि डॉक्टर अज़ीज़िया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाउस सर्जन थीं और अपने प्रशिक्षण के तहत तालुक अस्पताल में तैनात थीं।

हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

केरल में महिला डॉक्टर की हत्या के मामले को हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य के पुलिस प्रमुख को गुरुवार, 11 मई को इस मामले में ऑनलाइन पेश होने और रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने केरल सरकार और पुलिस की कड़ी आलोचना करते हुए फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की खंडपीठ ने कहा है कि यदि आप डॉक्टरों की सुरक्षा नहीं कर सकते, तो अस्पतालों को बंद कर दें।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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