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केरल बाढ़ का असली हीरो! अपनी 'लाइफ जैकेट' देकर किसान की जान बचाई, खुद बह गया जांबाज रेस्क्यू वॉलंटियर

केरल में बाढ़ के दौरान बचाव कार्य के दौरान एक व्यक्ति ने ऐसा फैसला लिया जिससे पूरा राज्य शोक में है। तैराकी सिखाने वाले आर. राजेश ने फंसे हुए किसान को बचाने के लिए अपनी लाइफ जैकेट दे दी और खुद वापस नहीं लौट पाए।

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तैराकी सिखाने वाले आर. राजेश ने फंसे हुए किसान को बचाने के लिए अपनी लाइफ जैकेट दे दी

केरल में बाढ़ के दौरान बचाव कार्य के दौरान एक व्यक्ति ने ऐसा फैसला लिया जिससे पूरा राज्य शोक में है। तैराकी सिखाने वाले आर. राजेश ने फंसे हुए किसान को बचाने के लिए अपनी लाइफ जैकेट दे दी और खुद वापस नहीं लौट पाए। राजेश 2018 और 2024 में भी बचाव कार्यों का हिस्सा रहे थे। तिरुवनंतपुरम के रहने वाले 36 वर्षीय तैराकी और रैपलिंग इंस्ट्रक्टर ने केरल के कन्नूर ज़िले में बाढ़ के पानी में फंसे एक किसान को बचाने के दौरान अपनी जान गंवा दी।

उन्होंने अपनी लाइफ जैकेट उस किसान को दे दी थी। कन्नूर में मींथुली द्वीप के पास बचाव कार्य के दौरान आर. राजेश ने 61 वर्षीय बेनी को जैकेट दी, जिससे किसान की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, लेकिन इसके बाद वे खुद तेज बहाव में बह गए। वे 2018 की बाढ़ और 2024 में हुए भूस्खलन के दौरान बचाव कार्यों का हिस्सा रहे थे।

राजेश, मींथुली झरने पर रैपलिंग इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम कर रहे थे

कल्लियूर के रहने वाले राजेश, मींथुली झरने पर रैपलिंग इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम कर रहे थे और स्थानीय बचाव दल का हिस्सा थे, जब 1 अगस्त को भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। उन्होंने 2018 में केरल में आई बाढ़ और 2024 में वायनाड में हुए भूस्खलन के दौरान भी बचाव कार्यों में हिस्सा लिया था।

मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बेनी ऊपर की ओर भूस्खलन की खबर सुनकर कॉफी बागान गए थे। कुछ ही मिनटों में, मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। 'मातृभूमि' की रिपोर्ट के अनुसार अनुसार, राजेश ने अपने साथी बचावकर्मी शिबिन और जिथिन के साथ सुना कि एक व्यक्ति छोटे से द्वीप पर फंसा हुआ है। उन्होंने उसे बचाने का फैसला किया और करियांगोडे नदी तैरकर पार की। बेनी को सुरक्षित वापस लाते समय राजेश ने देखा कि वे संघर्ष कर रहे हैं, तो उन्होंने अपनी जैकेट उतारकर उस बुजुर्ग व्यक्ति को पहना दी। 'मातृभूमि' की रिपोर्ट के अनुसार, जब वे सुरक्षा रस्सी पकड़कर वापस आ रहे थे, तो राजेश की पकड़ किनारे के पास छूट गई और वे पानी के तेज बहाव में बह गए।

पूरे केरल से राजेश को श्रद्धांजलि दी जा रही है

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने इसे दिल दहला देने वाली घटना बताया और राजेश को एक समर्पित स्वयंसेवक कहा, जिन्होंने पहले भी आपदाओं के समय मदद के लिए कदम आगे बढ़ाया था। मुख्यमंत्री ने X पर लिखा, 'कन्नूर के पुलिंगोम में डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए राजेश ने अपनी लाइफ जैकेट दे दी और बाद में बाढ़ के पानी में बह गए। मानवता के लिए उनकी यह बड़ी कुर्बानी और निस्वार्थ प्यार हमेशा याद रखा जाएगा।'

बीजेपी के राज्य अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने उन्हें लगातार 3 संकटों के हीरो के तौर पर याद किया। लिखा, 'तिरुवनंतपुरम के कल्लियूर के रहने वाले आर. राजेश एक रेस्क्यू वॉलंटियर और रैपलिंग इंस्ट्रक्टर थे। जब भी केरल को उनकी जरूरत पड़ी, वे मदद के लिए तैयार रहते थे। 2018 की बाढ़ के दौरान वे आगे आए। 2024 में वायनाड भूस्खलन त्रासदी के समय भी वे बचाव कार्य में शामिल थे। और 2026 में उन्होंने अपनी जान दे दी।'

वे एक माहिर तैराक और 'एडवेंचर डिजास्टर सोसाइटी' के सदस्य थे। वे अक्सर दूसरों को रस्सी से बचाव (रोप रेस्क्यू) और पानी में सुरक्षा की ट्रेनिंग देते थे।

केरल एक बार फिर मॉनसून की मार झेल रहा है

यह त्रासदी जोरदार मॉनसून बारिश के दौरान हुई, जिसने 1 अगस्त से केरल में तबाही मचा रखी है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य भर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है और चार लोग अभी भी लापता हैं। 12,000 से ज़्यादा लोगों को 300 से ज़्यादा राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।विस्थापित लोगों में सबसे ज़्यादा संख्या पथानामथिट्टा और कोट्टायम ज़िलों के लोगों की है।मंगलवार तक के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, लगभग 165 हेक्टेयर में खेती का नुकसान हुआ है, जिससे 3,500 से ज़्यादा किसान प्रभावित हुए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कन्नूर, वायनाड, पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की समेत कई ज़िलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। कन्नूर का चेरुपूझा इलाका, जहां राजेश की मौत हुई, सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में से एक था। इस इलाके में कम समय में 300 मिमी से ज़्यादा बारिश हुई, जिससे भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की स्थिति पैदा हो गई और सड़कें, पुल व खेत क्षतिग्रस्त हो गए।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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