कर्नाटक के मैसूर शहर में गुंबद जैसे ढांचे वाले बस स्टॉप का हुलिया शनिवार (26 नवंबर, 2022) देर रात बदल दिया गया है। नेशनल हाईवे-766 के केरल बॉर्डर कोलेगाला सेक्शन पर बने इस स्टॉप के ऊपर सुनहरे रंग के तीन गुंबद जैसे स्ट्रक्चर थे। ताजा तस्वीरों में वहां एक ही गुंबद नजर आ रहा है और उसका रंग और थीम भी पूरा परिवर्तित है।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद प्रताप सिम्हा ने यह कहकर विवाद को जन्म दे दिया था कि इंजीनियर इस मस्जिदनुमा ढांचे को गिराएं, जो कि उन्हीं की पार्टी के एक विधायक की ओर से बनवाया गया था। उन्होंने कहा- मैं इसे सोशल मीडिया पर देखा था। बस स्टैंड में तीन गुंबद हैं। बीच में बड़ा वाला है, जबकि अगल-बगल छोटे-छोटे हैं। यह तो मस्जिद है।
उन्होंने इसके साथ ही दावा किया था कि ऐसे ही गुंबद जैसे ढांचे मैसूर के अधिकतर क्षेत्रों में बनाए गए थे। उन्होंने चेताते हुए कहा था- मैंने इंजीनियर्स से कहा कि वे इसे तीन से चार दिन के भीतर गिरा दें। अगर वे इसे नहीं ढहाएंगे तो मैं जेसीबी लेकर इसे नेस्ताबूद कर दूंगा।

mysore bus stop
हालांकि, उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। स्थानीय बीजेपी विधायक रामदास (जिन्होंने बस स्टॉप बनवाया था) ने पहले पार्टी नेता की टिप्पणी का खंडन करते हुए कहा था कि बस शेल्टर का डिजाइन मैसूर पैलेस से प्रेरित था। बाद में उन्होंने स्थानीय लोगों को संबोधित किए गए एक पत्र में माफी मांगते हुए कहा था कि यह आकार मैसूर की धरोहर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था।
वह आगे बोले थे, "अलग-अलग किस्म के मत पनपे, इसलिए मैं दोनों गुंबदों (अगल-बगल वालों) को हटवा रहा हूं। अगर कोई इनसे आहत हुआ हो तो मैं उनसे माफी मांगता हूं।" सिम्हा ने सुबह इस बदलाव से जुड़ी जानकारी साझा की और बीजेपी विधायक के साथ जिला प्रशासन का इस मसले पर शुक्रिया अदा किया।
