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गुफा में रह रही रूसी महिला अपनी बेटियों के साथ लौटेंगी स्वदेश या नहीं? कर्नाटक हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

Russian Women Case: कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को एक रूसी महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की स्वदेश वापसी के लिए यात्रा दस्तावेज जारी करने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति बी एम श्याम प्रसाद ने यह आदेश इजराइली नागरिक ड्रोर श्लोमो गोल्डस्टीन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

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कर्नाटक हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

Russian Women Case: कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को एक रूसी महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की स्वदेश वापसी के लिए यात्रा दस्तावेज जारी करने की अनुमति दे दी, जिन्हें कर्नाटक में एक तटवर्ती क्षेत्र की एक गुफा में पाया गया था।

न्यायमूर्ति बी एम श्याम प्रसाद ने यह आदेश इजराइली नागरिक ड्रोर श्लोमो गोल्डस्टीन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। गोल्डस्टीन का दावा है कि वह बच्चों का पिता है। गोल्डस्टीन ने अदालत से केंद्र को नाबालिग बच्चों को तुरंत निर्वासित नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।

बेटियों संग गुफा में रह रही थी रूसी महिला

नीना कुटीना के रूप में पहचानी गई महिला 11 जुलाई को कुमता तालुका में गोकर्ण के पास रामतीर्थ पहाड़ियों की एक गुफा में पायी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि वह और उसके बच्चे बिना वैध यात्रा या निवास दस्तावेजों के लगभग दो महीने से वहां रह रहे थे।

गोल्डस्टीन ने इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भारत में अपने बच्चों का पता लगाने में असमर्थ होने पर गोवा के पणजी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने शुक्रवार की सुनवाई के दौरान दर्ज किया कि रूसी वाणिज्य दूतावास ने कुटीना और उनकी बेटियों के लिए आपातकालीन यात्रा दस्तावेज जारी किए थे, जो केवल नौ अक्टूबर तक वैध थे।

अदालत ने वाणिज्य दूतावास को कुटीना द्वारा स्वयं भेजे गए पत्र पर भी ध्यान दिया, जिसमें उन्होंने जल्द से जल्द रूस लौटने की इच्छा व्यक्त की थी। गोल्डस्टीन के वकील ने निर्वासन का विरोध करते हुए दलील दी थी कि ऐसा कदम बच्चों के सर्वोत्तम हितों के विरुद्ध होगा, जबकि हिरासत की कार्यवाही अब भी लंबित है।

अदालत ने क्या कुछ कहा

हालांकि, अदालत ने पाया कि गोल्डस्टीन ने इस बात का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया कि बचाए जाने से पहले मां और बच्चे एक गुफा में अलग-थलग क्यों रह रहे थे। बच्चों के कल्याण के सिद्धांत पर जोर देते हुए पीठ ने कहा कि रूस वापस जाने के लिए मां का अनुरोध और उनकी स्वदेश वापसी में सहायता के लिए रूसी सरकार की तत्परता अन्य बातों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

एएसजी ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि दूसरी बेटी की डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और रूसी सरकार को सूचित कर दिया गया है, जिसने उन्हें रूस की यात्रा करने में सक्षम बनाने के लिए रूसी नागरिकता और आपातकालीन यात्रा दस्तावेज (ईटीडी) जारी किए हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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