दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत अपने बयानों के चलते लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। उन्होंने बॉलीवुड और विपक्षी नेताओं पर तीखे कटाक्ष किए हैं, वहीं उनके कुछ बयानों को लेकर कानूनी मोर्चे पर भी हलचल देखने को मिल रही है। बॉलीवुड और कूटनीति पर बयानकंगना रनौत ने 'बॉलीवुडवासियों' को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि उन्हें पाकिस्तान के प्रति अपने प्रेम को छोड़ना होगा। उनके अनुसार, सिनेमा एक ऐसी सौम्य शक्ति (सॉफ्ट पावर) है, जिसका उपयोग भारत की कूटनीतिक नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी रूप से किया जा सकता है। उन्होंने गटर जनरेशन वाले बयान पर अपनी सफाई दी है।
'जेन-जी' और बयानों पर सफाईअपने एक हालिया बयान पर सफाई देते हुए कंगना ने कहा कि दुनिया 'जेन-जी' (Gen-Z) से मोहित है, लेकिन इस पीढ़ी का एक वर्ग ऐसा भी है जो भटका हुआ और अंधकार में डूबा हुआ है। कहा आज की जेन-जी स्वभाव से महत्वाकांक्षी और जोशीली है। वे देश को आगे ले जा रहे हैं, और प्रतिभाशाली तथा आत्मविश्वासी युवाओं की कोई कमी नहीं है। हमारे युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और प्रतिभाशाली युवाओं को देखिए, पूरी दुनिया उनके हुनर और आत्मविश्वास से लगातार प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर गटर जनरेशन वाली टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा की एक विशेष अदालत में उनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 21 अगस्त को तय की गई है।
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याचिकाकर्ता और अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने बताया कि जब छात्र प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब रनौत ने ’जेन-जी’ और प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के माता-पिता के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अधिवक्ता ने कहा कि यह याचिका कथित टिप्पणियों के संबंध में दायर की गई थी और अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया है।
राहुल गांधी पर निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कंगना रनौत ने दावा किया कि यह उनके विपक्ष के नेता के रूप में उनका आखिरी कार्यकाल होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वे गृह मंत्री से सवाल तो पूछना चाहते हैं, लेकिन उनके जवाब सुनना नहीं चाहते। साथ ही, उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि वे भाई-भतीजावाद के कारण ही विपक्ष के नेता बने हैं।
