देश

JKCA Scam: फारूक अब्दुल्ला पर आरोप तय करने का कोर्ट ने दिया आदेश, जानिए पूरा मामला

JKCA Scam: श्रीनगर की एक अदालत ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) घोटाला मामले में नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि रणबीर दंड संहिता (RPC) की धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत प्रथम दृष्टया आरोप बनते हैं।

Image

फारूक अब्दुल्ला समेत अन्य आरोपियों पर आरोप तय करने के निर्देश (फाइल फोटो- PTI)

JKCA Scam: श्रीनगर की एक अदालत ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) घोटाला मामले में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया रणबीर दंड संहिता (RPC) की धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत अपराध के आवश्यक तत्व आरोपियों के खिलाफ बनते हैं। इसलिए आरोपियों पर इन धाराओं के तहत आरोप तय किए जाएंगे। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आरोप भी जोड़े जा सकते हैं।

कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

इस सप्ताह की शुरुआत में श्रीनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तबस्सुम ने पांच पन्नों के आदेश में कहा कि मामले को 12 मार्च 2026 को आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध किया जाए। अदालत ने कहा, “मुख्य फाइल को 12/03/2026 को आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध किया जाए। आरोप तय होने के बाद सरकारी गवाह बने आरोपी संख्या 3 और 6 के बयान साक्ष्य के रूप में दर्ज किए जाएंगे। यदि वे अपने पहले के बयान से मुकरते हैं तो उसके अनुसार उचित आदेश पारित किए जाएंगे।” हालांकि, अदालत ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पक्षकार बनाए जाने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि चूंकि इस मामले की जांच, चार्जशीट और अभियोजन सीबीआई द्वारा किया गया है और चार्जशीट में कोई निर्धारित (शेड्यूल) अपराध शामिल नहीं है, इसलिए ईडी को इसमें पक्षकार नहीं बनाया जा सकता।

ईडी की याचिका पर कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने यह भी कहा कि ईडी की याचिका अस्पष्ट है और उसमें परस्पर विरोधी मांगें की गई हैं। आदेश में कहा गया कि आवेदन में कुछ जगहों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 411 और 414 जोड़ने की मांग की गई है, जबकि इस मामले में आईपीसी लागू ही नहीं होती क्योंकि 1 जुलाई 2024 से आईपीसी को निरस्त किया जा चुका है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईडी की जांच का अधिकार मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अपराधों तक सीमित है। किसी मूल (प्रेडिकेट) अपराध की जांच और ट्रायल कानूनन अधिकृत एजेंसियों द्वारा ही किया जा सकता है। इस मामले में मुख्य जांच एजेंसी सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कोई शेड्यूल अपराध शामिल नहीं किया है।

JKCA Scam क्या है?

सीबीआई के अनुसार, 2002 से 2011 के बीच, जब फारूक अब्दुल्ला जेकेसीए के अध्यक्ष थे, उस दौरान फंड में कथित तौर पर गड़बड़ी की गई। अपनी चार्जशीट में सीबीआई ने फारूक अब्दुल्ला के अलावा उस समय के जेकेसीए के महासचिव मोहम्मद सलीम खान, पूर्व कोषाध्यक्ष एहसान अहमद मिर्जा और जम्मू-कश्मीर बैंक के कार्यकारी बशीर अहमद मिसगर को भी आरोपी बनाया है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

End of Article