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मेंढकों, झींगुर के बीच गीले ग्राउंड पर सोता भविष्य, रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र कैसे रह रहे? पढ़ें- JPSC अभ्यर्थियों के 10 दिनों के संघर्ष पर ग्राउंड रिपोर्ट

Ranchi Student Protest Jaipal Singh Stadium: रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में 10 दिनों से डटे JPSC अभ्यर्थी। बारिश, मच्छर और अंधेरे के बीच संघर्ष जारी, राजनीतिक आरोपों पर एडमिट कार्ड दिखाकर दिया करारा जवाब।

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मेंढकों, झींगुर के बीच गीले ग्राउंड पर सोता भविष्य, रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र कैसे रह रहे? पढ़ें- JPSC अभ्यर्थियों के 10 दिनों के संघर्ष पर ग्राउंड रिपोर्ट

JPSC 14th PT Paper Leak Protest: रांची (झारखंड) में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच वहां पहुंच कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें हमने क्या देखा, वह आपको बताते हैं। चारों तरफ घनघोर अंधेरा, आसमान में उमड़ते काले बादल, जमीन पर जमा बारिश का पानी और झींगुरों व मेंढकों की गूंजती आवाजें। यह दृश्य किसी दूरदराज के गांव का नहीं, बल्कि झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम ग्राउंड का है। यहां जेपीएससी (JPSC) 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्र-छात्राएं पिछले 10 दिनों से बेमियादी आंदोलन पर बैठे हुए हैं।

पंखा न लाइट, कृष्ण की तरह त्रिपाल उठाकर गुजारी रात

स्टेडियम के खुले मैदान में प्लाईबोर्ड और प्लास्टिक की त्रिपाल बिछाकर सोए छात्रों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। जमीनी हालात कैसे हैं?

गोवर्धन पर्वत जैसा सहारा: बीते दिन हुई भारी बारिश में जब पानी टेंट के अंदर घुसने लगा, तो छात्रों ने खुद त्रिपाल को हाथों में उठाकर पूरी रात अपने साथियों और उनके किताबों-कपड़ों को भीगने से बचाया।

अंधेरा और मच्छरदानी की ओट: टेंट के अंदर न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही हवा के लिए कोई पंखा। छात्र मच्छरदानी की आड़ में मच्छरों से बचते हुए सोने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

हौसला बुलंद: आंखों में नींद, गले में खराश और गीले कपड़ों के बावजूद छात्रों का कहना है कि यहां से बिना अपनी मांगें पूरी कराए उठे तो वैसे भी नौकरी नहीं मिलेगी, इसलिए अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी।

राजनीतिक आरोपों पर एडमिट कार्ड से जवाब

आंदोलन को दबाने के लिए लग रहे 'पॉलिटिकल एफिलिएशन' के आरोपों पर अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। छात्रों ने अपना-अपना JPSC एडमिट कार्ड हाथों में लहराते हुए कहा कि जिन्हें राजनीतिक पार्टी का मेंबर होने का शक है, वे आकर उनके रोल नंबर और क्रेडेंशियल चेक कर सकते हैं। आंदोलन में कोई एक बड़ा नेता नहीं है, छात्र खुद ही सफाई, भोजन और बुनियादी सुविधाओं का प्रबंधन कर रहे हैं।

छात्रों की मांग है कि पहले निष्पक्ष जांच, फिर कार्रवाई और पूरी पारदर्शिता बरती जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि पूर्व की कई जांचों में न्याय न मिलने के कारण उन्हें राज्य की सीआईडी (CID) जांच पर भरोसा नहीं है।

सीएम हेमंत सोरेन ने दिए उच्चस्तरीय समिति के निर्देश

छात्रों के बढ़ते दबाव और उग्र होते विरोध को देखते हुए राज्य प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC प्रकरण की समीक्षा और छात्रों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का निर्देश जारी किया है। आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि जो नेता और अभिनेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर न्याय मांगने पहुंच जाते हैं, वे झारखंड के इन भीगते और संघर्ष करते बच्चों के लिए चुप क्यों हैं?

10 अगस्त- विशाल 'विधानसभा मार्च'

आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करने वाला है, जिसके लिए विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने रूपरेखा तैयार कर ली है। अभ्यर्थी भूख हड़ताल (अनशन) पर बैठेंगे और स्वर्गीय शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि मार्च निकालेंगे। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) द्वारा विधानसभा का घेराव किया जाएगा। वामपंथी छात्र संगठन आईसा (AISA) की ओर से विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। राज्यभर के हजारों छात्र एकजुट होकर रांची में विशाल 'विधानसभा मार्च' करेंगे।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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