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Special Gift To Narendra Modi: मोदी के लिए इस जौहरी ने तैयार किया खास तोहफा, चांदी से बनाया कमल का फूल

Jammu jeweller Special Gift to Narendra Mod: जम्मू के एक जौहरी ने मोदी के लिए चांदी से कमल का फूल बनाया। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में रविवार को तीसरी बार शपथ ग्रहण करने पर उनके लिए चांदी से बना तीन किलोग्राम का कमल का फूल तैयार किया है। ‘कमल’ भाजपा का चुनाव चिह्न है। आपको बताते हैं ये तोहफा बनाने वाले ने क्या कहा।

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नरेंद्र मोदी के लिए किसने बनाया खास तोहफा?

Photo : Times Now Digital

Jammu jeweller Special Gift Lotous to Narendra Mod: देश के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, मोदी भारत के ऐसे दूसरे नेता बनने जा रहे हैं, जिन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबद्ध जम्मू के एक जौहरी ने नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में रविवार को तीसरी बार शपथ ग्रहण करने पर उनके लिए चांदी से बना तीन किलोग्राम का कमल का फूल तैयार किया है। ‘कमल’ भाजपा का चुनाव चिह्न है।

मोदी के लिए इस जौहरी ने बनाया खास तोहफा

जम्मू के बाहरी इलाके में स्थित मुथी गांव के निवासी रिंकू चौहान ने कहा कि मोदी को यह अनोखा उपहार देने का विचार उनके दिमाग में तब आया, जब भाजपा सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाने का अपना वादा अगस्त 2019 में पूरा किया और उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया।

चांदी से बना कमल का फूल खुद किया तैयार

पार्टी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के प्रवक्ता चौहान ने अपने आवास पर कहा, 'हमारे प्रिय प्रधानमंत्री के लिए यह उपहार तैयार करने में मुझे 15 से 20 दिन लगे। मैंने चांदी से बना कमल का फूल स्वयं तैयार किया है और मैं उन्हें यह भेंट देने का इंतजार कर रहा हूं।' शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतरीं अपनी पत्नी का समर्थन करने के लिए रिंकू चौहान को 2018 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन कुछ ही हफ्तों में उनका निष्कासन रद्द कर दिया गया था।

'370 हटने से पथराव की घटनाएं रुक गईं'

पिछले करीब दो दशक से भाजपा से जुड़े चौहान ने कहा, 'अनुच्छेद 370 हटने से पथराव की घटनाएं रुक गईं और कश्मीर में शांति बहाल करने में मदद मिली। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पिछले 500 साल से लटका था।' रिंकू चौहान की पत्नी अंजलि चौहान ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को यह उपहार देने के लिए उनसे मिलने को लेकर उत्सुक हैं।

इस बीच, योग प्रशंसकों के एक समूह ने पुराने शहर की मुबारक मंडी में सुबह नियमित व्यायाम के दौरान मोदी के अगले पांच साल के सफल कार्यकाल के लिए विशेष प्रार्थना की। इस समूह में शामिल सोनिया टंडन नामक महिला ने कहा, 'मोदी की जगह कोई भी नहीं ले सकता और मुझे खुशी है कि वह देश के प्रधानमंत्री के रूप में वापस आएंगे। हमने मोदी के लिए वोट दिया था।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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