S Jaishankar meets Lavrov: विदेश मंत्री एस जयशंकर की गुरुवार को मास्को में उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, निवेश और करोबार सहित द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा दोनों नेताओं ने यूक्रेन, यूरोप, ईरान, पश्चिम एशिया, अफगानिस्तान और भारतीय उपमहाद्वीप पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। यूएन, जी20, एससीओ और ब्रिक्स में आपसी सहयोग पर भी चर्चा हुई। जयशंकर तीन दिनों की यात्रा पर मास्को पहुंचे हैं।
इससे पहले रूस से तेल खरीदे जाने पर लगे अमेरिकी टैरिफ पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि 2022 के बाद रूस के साथ सबसे ज्यादा कारोबार करने वाले हम नहीं हैं और न ही हम रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदते हैं। रूस से एलएनजी खरीदने के हम सबसे बड़े खरीदार भी नहीं हैं। रूस से सबसे ज्यादा तेल और एलएनजी खरीदने वाले क्रमश: चीन और यूरोपीय यूनियन हैं।
US के कहने पर हमने रूस से तेल खरीदना शुरू किया-जयशंकर
मास्को में मीडिया से बातचीत में जयशंकर ने कहा, 'रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदार हम नहीं बल्कि चीन है। हम रूस से सबसे ज्यादा LNG भी नहीं खरीदते हैं। रूस से सबसे ज्यादा एलएनजी यूरोपीय यूनियन खरीदता है। हम वह देश भी नहीं हैं जिसका 2022 के बाद रूस के साथ कारोबार सबसे ज्यादा बढ़ा है। मेरा मानना है कि दक्षिण में कुछ देश हैं। हम तो वह देश हैं जिससे अमेरिका ने पिछले कुछ सालों में कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए हमें सब कुछ करना चाहिए।'
'इसमें रूस से तेल खरीदना भी शामिल था'
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'इसमें रूस से तेल खरीदना भी शामिल था। खास बात यह है कि हम अमेरिका से भी तेल खरीद रहे हैं और खरीद की यह मात्रा बढ़ी है। मीडिया जिस बात और दलील का हवाला दे रहा है, उसे लेकर हम बहुत परेशान हैं।'
