Diwali को माना गया वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक त्योहार! UNESCO के बड़े ऐलान पर बोले PM मोदी- प्रभु श्री राम...
- Reported by: भावना किशोरEdited by: Nitin Arora
- Updated Dec 10, 2025, 01:12 PM IST
दिल्ली इन दिनों यूनेस्को की 20वीं अंतर-सरकारी समिति की बैठक की मेजबानी कर रही है, जहां दुनिया भर के प्रतिनिधि मौजूद हैं। इस बीच एक बड़ी घोषणा में भारत के प्रमुख उत्सव दीपावली को UNESCO की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया।
दीपावली को माना गया वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक त्योहार (PTI)
UNESCO Diwali List: भारत के प्रमुख उत्सव दीपावली (Diwali) को बुधवार को UNESCO की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया। दिल्ली में लाल किले पर आयोजित यूनेस्को की एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। यह पहली बार है कि भारत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) के संरक्षण के लिए अंतरसरकारी समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है।
दीपावली की वैश्विक लोकप्रियता में वृद्धि होगी: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे त्योहार की वैश्विक लोकप्रियता में और वृद्धि होगी। मोदी ने यूनेस्को द्वारा दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किये जाने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए X पर एक पोस्ट में कहा, 'भारत और दुनिया भर के लोग रोमांचित हैं।'
उन्होंने कहा, 'दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई है। यह हमारी सभ्यता का सार है। यह ज्ञान और धर्म का प्रतीक है। दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने से त्योहार की वैश्विक लोकप्रियता में और भी अधिक वृद्धि होगी।' मोदी ने कहा, 'प्रभु श्री राम के आदर्श हमारा शाश्वत रूप से मार्गदर्शन करते रहें।'
भारत के लिए गर्व का बड़ा अवसर
यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में दिवाली को शामिल करने के लिए 2024 में देश की तरफ से नामांकन भेजा गया था और अभी दिल्ली के लाल किले में चल रही यूनेस्को की समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार हुआ। खबरों के अनुसार, दिवाली को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक त्योहार मानते हुए इसे सूची में शामिल किए गया है। जहां अब दिवाली को दुर्गा पूजा, गरबा और कुंभ मेले की तरह अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल जाएगी, जो भारत के लिए गर्व का बड़ा अवसर होगा।
'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे...
इस समिति का 20वां सत्र लाल किले में आठ से 13 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। यूनेस्को द्वारा दीपावली उत्सव को प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे हवा में गूंज उठे।
दिल्ली सज रही
दिल्ली इन दिनों यूनेस्को की 20वीं अंतर-सरकारी समिति की बैठक की मेजबानी कर रही है, जहां दुनिया भर के प्रतिनिधि मौजूद हैं। लाल किला मुख्य आयोजन स्थल हैं, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, दीयों की रोशनी और पारंपरिक कलाओं की प्रदर्शनी दिखाई जा रही हैं। शहर भर में सरकारी इमारतों को सजाया जा रहा है, सार्वजनिक स्थानों पर दीए लगाए जा रहे हैं और विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार हो रहे हैं।
दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि दिल्ली सरकार भी दिल्ली हाट में अपना दिवाली समारोह आयोजित करेगी। यह पूरा आयोजन दिवाली को भारत की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में वैश्विक स्तर पर पेश करने और यूनेस्को सूची में शामिल कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना रहा। आज शाम 5:00 बजे रेखा गुप्ता दिल्ली के तीन स्थित दिल्ली हाट में दिया जलाएंगी और दिवाली मनाई जाएगी।
भारत की ये पहले से 15 चीजें यूनेस्को की लिस्ट में शामिल
भारत की 15 चीजें वर्तमान में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल हैं, जिनमें कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा और रामलीला - महाकाव्य ‘रामायण’ का पारंपरिक प्रदर्शन शामिल हैं।
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