Amarnath Yatra : एक जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए सरकार ने सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए है। अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगी। 62 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा की सुरक्षा का जिम्मा आईटीबीबी, सीआरपीएफ, खोजी कुत्तों एवं ड्रोन पर होगा। इस बार खास बात यह है कि अमरनाथ गुफा के बाहर आईटीबीपी के जवानों की तैनाती होगी। पहले यहां की सुरक्षा की जिम्मा सीआरपीएफ के पास था। सीआरपीएफ की कई टुकड़ियों को हिंसाग्रस्त मणिपुर में और पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों के लिए तैनात किया गया है, इसलिए देश के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल को कश्मीर घाटी में यात्रा मार्ग की सुरक्षा करने के लिए कहा गया है।
गुफा के आस-पास नजर रखेंगे खोजी कुत्ते
यही नहीं, पवित्र गुफा एवं उसके आस-पास खोजी कुत्तों की तैनाती होगी जो किसी तरह का खतरा भांपकर सुरक्षाबलों का अलर्ट करेंगे। अमरनाथ गुफा की पर्वत श्रृंखला एवं चोटियों पर बादल फटने जैसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी तैनात रहेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य एवं चिकत्सीय सुविधाओं पर खासा ध्यान दिया गया है। अमरनाथ यात्रा मार्ग में दो बड़े अस्पताल शुरू होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा
यात्रा के दौरान भक्तों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को एक बैठक की। बालटाल और चंदनवाड़ी से होकर जाने वाले दो दुर्लभ मार्गों पर डीआरडीओ 100-100 बिस्तर वाले अस्पताल के निर्माण में सहयोग दिया है।
सिन्हा ने यातायात प्रबंधन की समीक्षा की
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा के लिए यातायात प्रबंधन की समीक्षा की। एक प्रवक्ता ने बताया कि सिन्हा ने विभागों, जिला प्रशासनों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और संबंधित यातायात पुलिस के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जोन के आधार पर यातायात योजना बनाने का निर्देश दिया ताकि वाहनों तथा पैदल यात्रियों की सुचारू आवाजाही हो और पार्किंग की उचित व्यवस्था हो। सिन्हा ने अधिकारियों से कहा, ‘काफिलों, पशुओं, आवश्यक सामान और बागवानी उत्पाद ले जा रहे वाहनों की आवाजाही के लिए समय सारिणी अधिसूचित की जाए। यातायात परामर्श और कार्यक्रमों का सख्ती से पालन किया जाए।’
