कोविड काल के बाद देश में लगातार हो रहे हार्ट अटैक (heart attack) का मुद्दा आज संसद में उठा, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्लियामेंट की हेल्थ के स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने ये मुद्दा जीरो आवर में उठाया। इमरान ने कहा की जिस तरह से आए दिन ये देखने में आ रहा है की युवाओं को हार्ट अटैक हो रहा है, वो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा की वो हेल्थ की स्टैंडिंग कमिटी में भी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। लेकिन सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा से भाग रही है। उन्होंने आरोप लगाया की युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के केसेस के लिए वैक्सीन का साइड इफेक्ट जिम्मेदार है।

heart attack in Youth
'इस मुद्दे पर संसद में बहस होना चाहिए'
ये सच है की कोरोना काल के बाद देश में के कई इलाकों से चलते फिरते, नाचते गाते युवाओं के हार्ट अटैक की तस्वीरें रोज आ रही है। कई लोग इसके लिए वैक्सीन को जिम्मेदार बता रहे हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर संसद में बहस होना चाहिए। इमरान प्रतापगढ़ी जैसे नेता मानते है की सरकार पर दोष मढ़ने से पहले सरकार या संसद द्वारा कोई कमिटी बनाई जानी चाहिए, जो जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। इमरान का ये भी कहना है की जब संसद का सत्र चल ही रहा है तो इस पर शॉर्ट टर्म डिस्कशन भी होना चाहिए। ताकि लोगों को जागरूक करने के साथ संसद सदस्य भी अपनी बात कह सके।
'इसके लिए वैक्सीन जिम्मेदार है या नही ये तो शोध का विषय'
बहरहाल ये सच है की युवाओं में बढ़ता हार्ट अटैक का मामला एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है। इसके लिए वैक्सीन जिम्मेदार है या नही ये तो शोध का विषय है। लेकिन इस पर संसद से लेकर मेडिकल फील्ड के लोग चर्चा करें ये बहुत आवश्यक है। सोमवार को एक बार फिर संसद में इस मामले को उठाने का प्रयास किया जाएगा।
