Maneka Gandhi on ISKCON: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद मेनका गांधी ने इंटनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इस देश में इस्कॉन सबसे बड़ा धोखा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे लोग अपनी गोशाला से गायों को कसाइयों को बेच देते हैं। हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री की ओर से कही गई बात पर फिलहाल इस्कॉन की कोई टिप्पणी नहीं आई है।
उनके हालिया बयान से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें गांधी कहती नजर आईं, "इस्कॉन अपने देश में सबसे बड़ा धोखा है। वे लोग गोशाला चलाते हैं और सरकार से लाभ उठाते हैं, जिनमें बड़ी जमीनें भी शामिल हैं।"
गांधी ने इस दौरान आंध्र प्रदेश में अपने साथ घटी इस्कॉन की घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया, "इस्कॉन की अनंतपुर गोशाला में मुझे एक भी गाय (कुछ समय से दूध न देने वाली) और बछड़ा नहीं मिला । मतलब साफ है कि उन सब को बेच दिया गया।" उनका आरोप है, "इस्कॉन अपनी गाय कसाइयों को बेच देता है। जितना इस तरह (गाय बेचने आदि) से वे लोग करते हैं, उतना कोई नहीं करता...और वे जाते हैं और सड़को पर 'हरे रामा-हरे कृष्ण' गाते हैं। बाद में वे कहते हैं कि उनका पूरा जीवन दूध पर निर्भर करता है। संभवतः किसी ने भी इतने मवेशी कसाइयों को नहीं बेचे होंगे जितने उन्होंने बेचे हैं।"
वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब इस्कॉन सुर्खियों में आया हो। इस्कॉन के मॉन्क (साधु) अमोघ लीला दास ने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद बड़ा बवाल हुआ था। दरअसल, दुनिया भर के कृष्ण भक्तों के बीच लंबे समय से इस्कॉन की अपनी अलग छवि है, जबकि गांधी जानी-मानी पशु अधिकार कार्यकर्ता हैं। वह जानवरों से जुड़े बुनियादी मसलों पर समय-समय पर अपनी आवाज मुखर होकर रखती रही हैं।
हालांकि, इस्कॉन ने सारे आरोप सिरे से खारिज किए हैं। संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंदा दास के बयान के मुताबिक, “गांधी के निराधार और झूठे बयानों पर प्रतिक्रिया दें। इस्कॉन न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर गाय और बैल की सुरक्षा और देखभाल में सबसे आगे रहा है। जैसा कि आरोप लगाया गया है, गायों और बैलों की जीवनपर्यंत सेवा की जाती है, उन्हें कसाइयों को नहीं बेचा जाता है।”
आगे कहा गया, “चूंकि, मेनका जानी-मानी पशु अधिकार कार्यकर्ता और इस्कॉन की शुभचिंतक हैं इसलिए हम इन बयानों से आश्चर्यचकित हैं। स्थानीय अधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज वास्तविक परिदृश्य पर प्रकाश डालने में मदद करेंगे।'' इस बीच, इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने एक ट्वीट में कहा कि "अगर वह अपने गलत बयानों के लिए माफी नहीं मांगती हैं तो हम उन पर मुकदमा करेंगे।"
