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महाराष्ट्र: क्या उद्धव ठाकरे पर भी है ममता बनर्जी जैसा संकट? शिंदे से संपर्क में शिवसेना UBT गुट के दो तिहाई सासंद!

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा है कि उद्धव ने सांसदों के साथ बैठक की है और इस बैठक में सभी सांसद मौजूद थे। भय का माहौल बनाया जा रहा है और अफवाह फैलाई जा रही है। जाहिर है कि महाराष्ट्र में उद्धव गुट वाली शिवसेना में यदि बगावत होती है तो इसका असर प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर होगा।

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उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ सकते हैं उनके कई सांसद। तस्वीर-AI

Maharashtra News: महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी संकट गहराता दिख रहा है। सूत्रों का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC)की तरह शिवसेना (यूबीटी) में बगावत हो सकती है और इसके सांसद एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिवसेना नेता कृपाल तुमाने ने मंगलवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि यूबीटी (UBT) के नौ सांसदों में से सात सांसद शिंदे गुट में शामिल होंगे। वहीं, सांसदों के पार्टी छोड़ने की रिपोर्टों को संजय राउत (Sanjay Raut) ने अफवाह बताया है। राउत ने कहा है कि शिवसेना यूबीटी के सभी नौ सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं। ये सभी सांसद उनके साथ रहेंगे। कृपाल का दावा है कि उद्धव गुट के सांसदों में बहुत असंतोष है और महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' जल्द कामयाब होगा।

फिर महाराष्ट्र में बनेंगे नए राजनीतिक समीकरण

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा है कि उद्धव ने सांसदों के साथ बैठक की है और इस बैठक में सभी सांसद मौजूद थे। भय का माहौल बनाया जा रहा है और अफवाह फैलाई जा रही है। जाहिर है कि महाराष्ट्र में उद्धव गुट वाली शिवसेना में यदि बगावत होती है तो इसका असर प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर होगा। महाराष्ट्र में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे। सूत्रों का कहना है कि यूबीटी के छह सांसद शिंदे के साथ संपर्क में हैं।

बैठक में नहीं पहुंचे 5 सांसद

शिवसेना (उबाठा) की बैठक में कुल नौ में से पांच लोकसभा सदस्यों के अनुपस्थित रहने के एक दिन बाद सोमवार को पार्टी के नेताओं आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने कहा कि वे सभी पार्टी के साथ हैं। दोनों ने अलग-अलग बातचीत के दौरान पार्टी सांसदों को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर’ शुरू होने के कयासों को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना का प्रतीक चिह्न एक बाघ था, जिसे पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने खुद बनाया था।

'अफवाहों पर विश्वास मत कीजिए'

आदित्य ने पुणे में पत्रकारों से कहा, 'अफवाहों पर विश्वास मत कीजिए। मैं और उद्धव ठाकरे यह आश्वस्त करते हैं कि जो लोग हमारे साथ हैं, उन पर हम पूरा भरोसा करते हैं। कुछ लोग 'अंधभक्त’होते हैं, जबकि हम ऐसे लोग हैं जो 'अंधा विश्वास’(आंख बंद कर भरोसा) में यकीन रखते हैं।' इससे पहले मुंबई में राउत ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए 'ऑपरेशन वुल्फ' शुरू करेगी। उन्होंने यह बात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के गुट की ओर इशारा करते हुए कही।

रविवार को मुंबई में पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी

शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई में पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी। हालांकि, बैठक में कुल नौ में से केवल चार लोकसभा सदस्यों अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने शिरकत की। अन्य सांसदों के बारे में राउत ने रविवार को कहा था कि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाउसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शिरकत की, जबकि संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की। राउत ने सोमवार को कहा कि जाधव अगले दो दिन में मुंबई आकर ठाकरे से मुलाकात करेंगे।

'बाघ को पहले बेहोश करना पड़ता है'

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, 'जब शिवसेना विभाजित हुई, तब वे लोग पार्टी छोड़कर चले गए जिनकी निष्ठा पर संदेह नहीं किया जा सकता था। हमें अपने सांसदों पर पूरा भरोसा है और यह भरोसा आगे भी कायम रहेगा। ये सभी सांसद शिवसेना (उबाठा) के साथ हैं।' 'ऑपरेशन टाइगर' के कयासों पर राउत ने सवाल किया कि क्या जाग रहे बाघ को हाथ लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'बाघ को पहले बेहोश करना पड़ता है। उसके बाद उसके पैरों को बांधना होता है। हमारे मामले में यह संभव नहीं है। बाघ खुलेआम घूम रहे हैं।' जब उनसे पूछा गया कि रविवार की बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद 19 जून को अविभाजित शिवसेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे या नहीं, तो राउत ने कहा कि 'शिवसेना परिवार के इस आयोजन के लिए किसी को निमंत्रण की आवश्यकता नहीं है'।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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