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Leh Violence: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में 'इंटरनेट सेवा' बंद, हिंसा में हुई थी 4 लोगों की मौत

सामाजिक कार्यकर्ता और देश के जाने माने इंजीनियर सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद लेह में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

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लेह में 'इंटरनेट सेवा' बंद (फोटो: canva)

Leh Internet Service Snapped: 26 सितंबर यानी शुक्रवार को कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी के बाद लेह में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इंटरनेट सेवा बंद करने की यह कार्रवाई लेह शहर में पुलिस और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों के दो दिन बाद की गई है। बुधवार को हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 80 अन्य घायल हो गए। वहीं भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में भी आग लगा दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख के पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में पुलिस दल ने अपराह्न 2.30 बजे वांगचुक को हिरासत में लिया। वांगचुक पर लगाए गये आरोपों के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा का कारण बने उकसावे के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है।

'हिंसा तब भड़की जब युवाओं का एक वर्ग नियंत्रण से बाहर हो गया'

इस बीच, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रही लेह की सर्वोच्च संस्था ने 24 सितंबर की हिंसा से खुद को अलग करते हुए कहा है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और हिंसा तब भड़की जब युवाओं का एक वर्ग नियंत्रण से बाहर हो गया।

संगठन ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल के दौरान लेह में हुई हिंसा में उनकी भूमिका से इनकार किया। 'हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण और अहिंसक होगा, इसे फैलाने के लिए हमने सभी धर्मों की प्रार्थनाएं शुरू कीं। जब सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की, तो कुछ लोग वहां मौजूद थे। हम गांवों से लोगों को बुलाते थे। हमने 24 सितंबर को लेह बंद का आह्वान किया था।' सदस्य ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं द्वारा प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद, उन्होंने भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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