Indore Water Contamination: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के दूषित पानी पीने की वजह से कई बच्चे समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है। जान गंवाने वालों में छह महीने का एक मासूम भी शामिल है।
मासूम की मौत पर मराठी मोहल्ले के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ी। लोगों ने नगर निगम पर लंबे समय तक लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, जब पीड़ित परिवार से मिलने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे तो लोगों का गुस्सा उनपर फूट पड़ा।
वीडियो में देखा जा सकता है कि वो पीड़ित परिवार से मिलने जब मोटरसाइकिल पर जा रहे थे तो कुछ महिलाओं ने रोककर शिकायत की। महिलाओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से दूषित पानी की शिकायत की जा रही थी,लेकिन कोई अधिकारी सुनने को नहीं है।
डेढ़-दो साल से हम दूषित पानी को लेकर परेशान: महिलाएं
समाचार एजेंसी एएनआई से बातीचीत करते हुए महिलाओं ने कहा कि डेढ़-दो साल से हम दूषित पानी को लेकर परेशान हैं, लेकिन कोई अधिकारी हमारी सुनवाई नहीं कर रहा। हम जब पार्षद से बात करते हैं तो वो कहते हैं कि मैं करवाता हूं, लेकिन कुछ काम नहीं होता।
बच्चे की मां साधना साहू ने बताया कि घर की सप्लाई के पानी में दूध मिलाकर पिलाने के बाद बच्चे को गंभीर उल्टी और दस्त होने लगे। इसके बाद उसे पहले एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया। फिर बाद में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भागीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है।
कैलाश विजयवर्गी ने क्या कहा?
विजयवर्गीय ने पत्रकारों को बताया कि उल्टी-दस्त के प्रकोप से भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित हुए। इनमें से लगभग 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि इन मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। स्वस्थ होने पर लोगों को अस्पताल से लगातार छुट्टी दी जा रही है।
विजयवर्गीय ने उल्टी-दस्त के प्रकोप से मरे लोगों के आंकड़े को लेकर जारी विरोधाभास पर कहा, "मुझे प्रशासन के अधिकारियों ने इस प्रकोप से चार लोगों की मौत की जानकारी दी है। लेकिन यहां (भागीरथपुरा में) आठ-नौ लोगों की मौत की सूचना है। हम इस सूचना की तसदीक कर लेंगे। इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।"
