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...तो इस वजह से कैंसिल होने लगी Indigo फ्लाइट्स? पायलट ड्यूटी को लेकर सरकार ने क्या बदले थे नियम? अब DGCA ने फैसला लिया वापस

पिछले तीनों दिनों से एयरलाइन कंपनी इंडिगो कि परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। इसी बीच सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए FDTL यानी Flight Duty Time Limitations के नियमों में अहम ढील दी है। DGCA का यह आदेश सीधे एयरलाइंस को राहत देता है, जिससे उड़ानों को सामान्य करने की कोशिश तेज हो सकती है।

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DGCA ने क्रू के विकली रोस्टर वाला फैसला वापस लिया।(फोटो सोर्स: istock)

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IndiGo Crisis: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों अपने सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। हजारों यात्री फंसे हुए हैं, 500 से ज्यादा उड़ानें एक ही दिन में रद्द हो चुकी हैं। वहीं दिल्ली एयरपोर्ट ने आज आधी रात तक की सभी डोमेस्टिक IndiGo उड़ानें कैंसिल करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।

डीजीसीए ने दिया FDTL का आदेश

इसी अफरा-तफरी के बीच सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए FDTL यानी Flight Duty Time Limitations के नियमों में अहम ढील दी है। DGCA का यह आदेश सीधे एयरलाइंस को राहत देता है, जिससे उड़ानों को सामान्य करने की कोशिश तेज हो सकती है।

समझिए क्या है आदेश

DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने 5 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी किया है। आदेश में DGCA ने स्पष्ट कहा है कि पुराने निर्देश, जिसमें यह प्रावधान था कि “no leave shall be substituted for weekly rest”, यानी साप्ताहिक आराम के बदले कोई लीव नहीं लगाई जा सकती। उसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाता है। यह कदम एयरलाइंस के दबाव और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है.

आसान भाषा में कहें तो अब एयरलाइंस पायलट और क्रू शेड्यूल को लचीला बना सकती हैं, जिससे संसाधनों की कमी दूर हो सकती है और रद्द होने वाली फ्लाइट्स की संख्या कम हो सकती है।

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विमानन मंत्रालय ने अपने पुराने निर्देश वापस लिया।(फोटो सोर्स: DGCA)

क्या है फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नए नियम?

  • नए नियमों के मुताबिक, अब पायलटों को हफ्ते में 48 घंटे लगातार आराम करना होगा, जबकि पहले 36 घंटे था।
  • नए नियमों के मुताबिक, रात 1 बजे से 5 बजे के बीच की लैंडिंग की संख्या सिर्फ दो ही हो सकती है, पहले छह तक की इजाजत थी।
  • नए नियमों के मुताबिक, लगातार दो रातों के लिए पायलट की ड्यूटी अब सीमित कर दी गई है, जबकि पहले कोई रोक नहीं थ।
  • इन नियमों के पहले चरण को जुलाई में लागू किया गया था। नवंबर 1 से दूसरे चरण में रात की लैंडिंग सिर्फ दो तक सीमित कर दी गई। अब नए नियमों को वापस लिया जा चुका है, जिससे उम्मीद है कि फ्लाइट्स की संचालन नॉर्मल हो जाएगी।

    इंडिगो का क्या कहना है?

    IndiGo का कहना है कि वह देरी के 'कास्केडिंग इफेक्ट' को कम करने और संचालन को जल्द से जल्द सुचारू करने की दिशा में हर संभव कदम उठा रही है। बता दें कि इंडिगो की उड़ानें पिछले तीन दिनों से लगातार रद्द हो रही हैं और रोजाना आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। विमानन नियामक डीजीसीए के मुताबिक, इंडिगो की रोजाना लगभग 170-200 फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं, जो सामान्य से काफी ज्यादा है।

    8 दिसंबर से उड़ानों की संख्या रहेगी कम

    इंडिगो ने 8 दिसंबर से उड़ानों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। हालांकि, फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य होने में अभी काफी समय लग जाएगा। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इंडिगो ने डीजीसीए को सूचित किया कि वह 8 दिसंबर से उड़ानों की संख्या कम करेगी और 10 फरवरी, 2026 तक पूरी तरह से स्थिर संचालन बहाल हो जाएगा, जबकि अगले कुछ दिनों में और उड़ानें रद्द होने की आशंका है।

    Piyush Kumar
    पीयूष कुमारauthor

    पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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